Tue. Jun 23rd, 2026

Author: Roshan Lal Sahu

भाई दूज की अलग-अलग परंपराएं, यहां भाइयों को भला-बुरा कहने का है रिवाज

भाईदूज के दिन बहुत से भाई अपनी विवाहित बहनों के घर जाकर तिलक लगवाते हैं. मान्यताओं के अनुसार इस दिन बहनों को अपने भाइयों को तिलक करने के बाद ही…

31 अक्तूबर से लेकर दो नवंबर तक कई ट्रेनों के रद करने और रूट में बदलाव की घोषणा, बढ़ेगी परेशानी

शंभू और राजपुरा के बीच ओपन वेब गर्डर के काम के चलते 31 अक्तूबर और एक नवंबर को मार्ग बदले गए हैं। इससे आमजन की परेशानी बढ़ना तय है।  रेलवे…

तीन दिन आराम के बाद फिर शुरू हुई भारत जोड़ो यात्रा, शामिल हुए राहुल

50वें दिन की भारत जोड़ो यात्रा तेलंगाना के नारायणपेट जिले के मकतल से शुरू हुई। इसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी से फिर से शामिल हुए। बता दें, दीपावली और मल्लिकार्जुन…

कांग्रेसियों ने की जर्जर विद्युत तार बदलवाने की मांग

कांग्रेसियों ने की जर्जर विद्युत तार बदलवाने की मांगशामली। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर के मोहल्ला घेरबुखारी में जर्जर विद्युत तार बदलवाने की मांग की है। आरोप है कि दो वर्ष…

नए इलाकों में बढ़त बनाने का दावा

यूक्रेनी सैनिकों को देश के दक्षिणी खेरसाँन क्षेत्र में नई बढ़त मिली हैं और सोमवार को भी उनका यह अभियान जारी रहा, जो माँस्को के लिए असहज स्थिति पैदा कर…

नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने ली पद व गोपनीयता की शपथ

सहारनपुर। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के शपथ ग्रहण समारोह में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। बृहस्पतिवार को जीपीओ रोड स्थित एक होटल में शपथ ग्रहण…

रोशनी का त्योहार जीवन में लाए खुशियां अपार, दिवाली पर अपनों को भेजें खास शुभकामना संदेश रोशन लाल साहू के तरफ़से दिवाली का शुभकामना

हमारे देश में पांच दिवसीय दिवाली के पर्व को बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. धनतेरस से इस त्योहार की शुरुआत होता है और ये भाई दूज तक चलता है.…

कांग्रेस और बीजेपी की लड़ाई में बाजी मार गई आप:देर रात रायपुर नाका रेलवे अंडर ब्रिज को खोला

दुर्ग में निर्माणाधीन रायपुर नाका रेलवे अंडर ब्रिज को आम आदमी पार्टी के नेताओं ने देर रात खोल दिया। इस ब्रिज के उद्घाटन को लेकर कांग्रेस विधायक और भाजपा पार्षद…

दिन में गर्मी, रात में ठंड:मानसून की विदाई, छाएंगे बादल पर अगले 5 दिन तक बारिश के आसार नहीं, 48 घंटे में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री लुढ़का

गुरुवार को मौसम विभाग रायपुर ने जिले से मानसून की विदाई की आधिकारिक पुष्टि की। हालांकि आगे भी सिस्टम के प्रभाव से बारिश हो सकती है लेकिन यह मानसूनी सीजन…

बौद्धिक संपदा पर अनुसंधानकर्ता का ही होता हैं पूरा अधिकारः डाँ साकेत

भिलाई 3 स्थित डाँ खूबचंद बघेल शासकीय पीजी काँलेज के वाणिज्य विभाग के द्वारा बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। एसएसआईपीएमटी कें डाँ राकेश…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया