Sat. Feb 4th, 2023

दुर्ग में निर्माणाधीन रायपुर नाका रेलवे अंडर ब्रिज को आम आदमी पार्टी के नेताओं ने देर रात खोल दिया। इस ब्रिज के उद्घाटन को लेकर कांग्रेस विधायक और भाजपा पार्षद के बीच काफी समय से विवाद चला आ रहा था। पुलिस को लाठियां तक भांजनी पड़ी थीं। भाजपा समर्थित पार्षद के ऊपर गैरजमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ था। कांग्रेस विधायक ने अरुण वोरा ने उद्घाटन का कार्ड भी छपवा लिया था, लेकिन अंडर ब्रिज नहीं खोल पाए। इसे गुरुवार की देर रात आप के नेताओं ने गैस कटर से बैरिकेड्स काटकर खोल दिया। रायपुर नाका अंडर ब्रिज को तीन दिन पहले भी आप के नेताओं ने खोला था, लेकिन रेलवे के अधिकारियों ने फिर से बैरिकेड्स लगाकर इसे बंद कर दिया था। इसके बाद गुरुवार दिन में आप के कार्यकर्ता मेहरबान सिंह के नेतृत्व में टेंट लगाकर धरने पर बैठे। इसके बाद रात में गैस कटर मंगवाया और बैरिकेड्स का काटकर हटा दिया। उधर, शुक्रवार सुबह से लोगों ने अंडर ब्रिज से आना जाना शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि कांग्रेस और भाजपा की लड़ाई में आप पके लोगों ने बाजी मार ली। उन्होंने जिला प्रशासन और रेलवे प्रशासन की कार्रवाई की परवाह न करते हुए अंडर ब्रिज को खोल दिया है।

विधायक ने उद्घाटन की डेट तय कर छपवा दिए थे कार्ड
रायपुर नाका अंडर ब्रिज के उद्घाटन के लिए दुर्ग विधायक अरुण वोरा ने 12 अक्टूबर की डेट तय कर दी थी। इसके लिए गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू और प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर को भी अतिथि तय किया गया था। लेकिन ऐन वक्त पर रेलवे प्रबंधन ने उद्घाटन पर रोक लगा दी। रेलवे ने कहा कि ब्रिज अभी निर्माणाधीन है और वह इसके उद्घाटन की अनुमति नहीं दे सकते हैं।

सिंधिया नगर वार्ड के भाजपा समर्थित पार्षद अरुण सिंह ने आम जन के सहयोग से अंडर ब्रिज को खोलने का बीते 15 सितंबर को ऐलान किया था। जब वह जनता को लेकर अंडर ब्रिज को खोलने पहुंचे पुलिस से उनकी झड़प हुई। पुलिस ने उनके ऊपर लाठियां भांजी। बात में पार्षद अरुण सिंह के खिलाफ गैर जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ था। पार्षद अरुण सिंह का कहना है कि सिकोलाभाठा अंडर ब्रिज और रायपुर नाका अंडर ब्रिज को लोगों ने जबरदस्ती खोला तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। जब उन्होंने जनता के सहयोग से इसे खोलने का प्रयास किया तो राजनीति के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज करा दिया गया।

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