Tue. Jun 23rd, 2026

Author: Roshan Lal Sahu

शादी का झांसा देकर दो साल तक दुष्कर्म करता रहा पी आर डी का जवान, पीड़िता ने एस पी से लगाई न्याय की गुहार

बागपत जनपद के बड़ौत में कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपी है कि पीआरडी के जवान ने शादी का झांसा देकर…

डाँ. केशवानी बोला कांग्रेस के अत्याचार को भूल रहे लोगो को जगाने का काम कर रहे कीर्तनकारी

डाँ. केशवानी ने कहा कि समय के साथ कई लोग कांग्रेश के अत्याचार को भूल गए लेकिन मंगलवार को इंदौर के खिलाफ काँलेज में आयोजन गुरुनानक जयंती का कार्यक्रम में…

शेरा की एंट्री पर नरोत्तम बोले हे नाथ यदुवंशियों से इतनी दूरी क्यों! कांग्रेस का पलटवार

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा 20 नवंबर को मध्य प्रदेश पहुचेंगी। कमलनाथ ने निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा को अरुण यादव की जिम्मेदारी सौंपी है। इस पर सियासत भी तेज…

भिलाई के देशी शराब दुकान में चोरी हो गया है।

भिलाई का सुपेला में देशी शराब दुकान मे चोरी की है। और मामला सामने आई है। मामले का शिकायत सुपेला के थाना में सुपरवाईजर ने की है। इसके मुताविक करीब…

शराब दुकान हटाने के लिए मुख्यमंत्री के नाम से भेजा गया 2000 हजार पोस्टकार्ड

नंदिनी रोड शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर शनिवार को आंदोलनकारि ने मुख्यमंत्री के पते पर 2000 हजार पोस्टकार्ड भेजे। शराब दुकान हटाने आंदोलनकारी 58 दिनों से लगातार आंदोलन…

महिला क्रिकेटर भारत ने श्रीलंका को लगातार 12 वी बार शिकस्त दिया

भारत के महिला टीम ने दूसरा टी 20 में श्रीलंका को 5 विकेट से हराया। इसी जीत के साथ टीम ने 3 मैच की सीरीज पर 2.0 से कब्जा कर…

मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एडमिशन के लिए तकनीकी शिक्षा संचालनालय ने मेरिट लिस्ट 3 दिन पहले जारी कर दी है।

इस लिस्ट में 3470 विद्यार्थियो के नाम है। neet में मिले अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट जारी की गई है। ये छात्र राज्य 9 सरकारी और 3 निजी मेडिकल…

भिलाई नगर निगम और PWD किया खराब सड़कों का हर शहर की 140 सड़कों में 11 हजार से अधिक गड्ढों को भरने में साढ़े सात करोड़ रुपया होंगे खर्च

नगर पालिका निगम भिलाई के सड़क की सूरत बदलने वाला है। इसके लिए नगर पालिका निगम भिलाई और पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने मिलकर पूरे शहर का सर्वे किया है। सर्वे…

श्रमिको के मंत्रालय का फाँमूला किया जा सकता है। लागू

श्रमिक मत्रालय में ठेका श्रमिको को बोनस भुगतान देने को लेकर फाँमूला बनाया रखा है। जिसके मुताविक उन्हे साल भर का कुल बोनस डीए का 8.24 प्रतिशत का बोनस दे…

होटल के कमरे में प्रेमी जोड़े ने दी जान:शादीशुदा बॉयफ्रेंड पर युवती ने लगाया था रेप का आरोप, अब फंदे पर लटके मिले दोनों

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में प्रेमी जोड़े ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है। मंगलवार को ही युवती अपने शादीशुदा बॉयफ्रेंड के साथ होटल में पहुंची थी। अब अगले दिन…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया