Tue. Jun 23rd, 2026

Author: Roshan Lal Sahu

केंद्र में खाद नही दी उनके भरोसे नहीं रहेंगें गाव में बनाएंगे भूपेश

जशपुरनगर में सीएम भूपेश बघेल ने शनिवार को जशपुर जिले कें कुनकुरी सें भेट मुलाकात कार्यक्रम फिर शुरु किया और कुनकुरी में लोगो से बातचीत की। इस दौरान किसानो ने…

दंगों पर झूठे बयान देने पर तीस्ता, पूर्व डीजीपी

मोदी जी ने भगवान शंकर की तरह विषपान किया, अब सच सोने जैसा चमक रहा ; शाहसाल 2002 के गुजरात दंगा मामले में झूठी जानकारी देने के आरोप में एटीएस…

मंगलवार को कोलाघाट पर गंगा का पक्का पुल भारी वाहनों की नो एंट्री, ट्रैक्टर-ट्रॉली से यात्रियों

शाहजहांपुर। कार्तिक पूर्णिमा पर मंगलवार को मिर्जापुर क्षेत्र के ढाई घाट पर गंगा स्नान के लिए सुबह से आस्था का सैलाब उमड़ने लगा। हजारों श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के उद्घोष…

शहर के वार्ड नंबर छह में कई मार्गों पर जलभराव और कीचड़ व्याप्त है

अमृत योजना के तहत डाली गई पाइप लाइनों से सड़कें धंस गई हैं। अधिकांश हैंडपंप खराब हालत मे है और लोगों को पेय जल की किल्ल का सामना करना पड़…

धूमधाम से मनाई गई गुरु नानक जयंती, डीएम ने भी टेका माथा

उरई। सिखों के गुरु गुरु नानकदेव के जन्मोत्सव को प्रकाश पर्व के रूप में राठ रोड स्थित गुरुद्वारे में धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान अनुयायियों ने गुरु घरों में…

बेटी को गर्भ में न मारने की अपील की बात करेंगे

बेटी बचाओं और बेटी पढावो अभियान को लेकर गंभीरता से काम कर रहंे है हरियाणा में एक और अनूठी पहल हुई है। इसका तहत हिसार के डियर पार्क और चिडियाघर…

जयसिंहपुर कालेज में केंद्रीय छात्र परिषद को दिलाई पद की शपथ

समारोह में प्राचार्य ने बीएससी तृतीय वर्ष की कुमारी अंजलि को अध्यक्ष, बीकॉम तृतीय वर्ष की कुमारी रुचि को उपाध्यक्ष, बीए प्रथम वर्ष की कुमारी सारिका को सचिव और बीएससी…

पाटन काँलेज में शुरु होगे वैल्यू एडेड कोर्स बताई उपयोगिता

शासकीय चंदूलाल चंद्राकर कला एवं विज्ञान महाविधालय पाटन में विगत दिवस अंग्रेजी विभाग द्वारा इंग्लिश क्लब का गठन किया गया प्राचार्य डाँ बीएस छाबडा ने इंग्लिश भाषा का महत्व को…

रेल यात्रियों की बढ़ी मुश्किले रायपुर रेलवे स्टेशन के दोनों तरफ हजारों यात्री अधर में नागपुर आने जानें वाली ट्रेनें थमीं

छत्तीसगढ़ में रेलवे ने एक बार फिर नवंबर में कई ट्रेनों का आवागमन रद्द किया है। इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। छत्तीसगढ़, दुरंतो और शालीमार, बीकानेर एक्सप्रेस सहित…

आंध्र ब्राहा्ण समाज ने उगादि पर नौग्रह का पूजा शाम के बच्चों ने दी पारंपरिक प्रस्तुतियां

आंध्र ब्राहा्रण समाज भिलाई दुर्ग के तत्वावधान में तेलगू नववर्ष उगादी पर माध्यामिक विधालय सेक्टर दस समाज कार्यलय में पं सुब्बाई शास्त्री ने समाज व देश के कल्याण के लिए…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया