Mon. Jun 22nd, 2026

Author: Roshan Lal Sahu

भारत जोड़ो यात्रा नवंबर में पहुंचेगी महाराष्ट्र, राहुल गांधी का स्वागत कर सकते हैं शरद पवार

राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाली गई कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा को अब धीरे-धीरे उसके राजनीतिक साथियों का भी साथ मिलने लगा है। खबर है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी…

बाढ़ से बेकाबू हो रहे हालात, चपेट में 150 गांव

रेउसा/रामपुर मथुरा। भारी बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी से गांजर में सोमवार को हालात बेकाबू दिखे। सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को…

औरैयाः मुलायम के दिल में बसता था औरैया

दिबियापुर (औरैया)। नेता जी के नाम से मशहूर मुलायम सिंह यादव के दिल में इटावा के साथ औरैया जिला भी बसता था। यहां के लोगों से उनका दिली लगाव था।…

अमित शाह 16 अक्टूबर को भोपाल में चिकित्सा शिक्षा के हिंदी पाठ्यक्रम की शुरुआत करेंगे

भोपाल, सात अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 16 अक्टूबर को यहां एक समारोह में हिंदी में चिकित्सा शिक्षा प्रदान करने की मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना की…

वीरू ने जय को दी खास अंदाज में बधाई, 80वें जन्मदिन का बड़ा सरप्राइज

अमिताभ बच्चन के 80वें जन्मदिन के जश्न की शुरुआत हीमैन के तौर पर मशहूर और  जाने-माने अभिनेता धर्मेंद्र की शुभकामनाओं से हुई है। बड़े पर्दे पर ‘ये दोस्ती हम नहीं…

जब मुलायम ने वीपी सिंह की चाल फेल कर दी तो लालू यादव को मिला रिटर्न गिफ्ट

 कहा जाता है कि जनता दल की जीत के बाद मुलायम सिंह यादव प्रधानमंत्री बनने वाले थे लेकिन बिहार के लालू यादव ने टांग अड़ा दी। सेहरा विश्वनाथ प्रताप सिंह…

नवरात्र से पहले सस्ता हुआ सोना-चांदी: ₹1,522 गिर गए गोल्ड के दाम, चेक करें अपने शहर का रेट

सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर है। नवरात्रि (Navratri 2022) से पहले सोने-चांदी के रेट में बड़ी गिरावट आई है। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, बिजनेस वीक…

आज शाम तक जमकर बरस सकते हैं बदरा, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

रायपुर। मानसून की देश के कई राज्यों से विदाई हो चुकी है। मगर चक्रवात नोरू के कारण पिछले कई दिनों से देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है।…

महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सफाई कर्मियों को किया सम्मानित

शोहरतगढ़। नगर पंचायत कार्यालय सभागार में रविवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती पर वाल्मीकि समाज के लोगों को उपहार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। महर्षि वाल्मीकि के चित्र प्रतिमा…

तीन स्थानों पर बिजली गिरने से दो की मौत, छह झुलसे

गोल्हौरा(सिद्धार्थनगर)। थाना क्षेत्र के तीन अलग-अलग स्थानों पर बारिश के दौरान बिजली गिरने से किसान और युवक की मौत हो गई। छह महिलाएं झुलस गई हैं।गोल्हौरा थाना क्षेत्र के सोनफेरवा…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया