Tue. Nov 29th, 2022

रेउसा/रामपुर मथुरा। भारी बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी से गांजर में सोमवार को हालात बेकाबू दिखे। सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को नदी का जलस्तर 119.60 मीटर पर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से 60 सेमी. ऊपर है। सरयू में उफान से 150 गांवों के डेढ़ हजार मकान बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। रेउसा क्षेत्र के म्योढी छोलहा व श्रीराम पुरवा गांव के बीच तटबंध कटने से कई गांवों में पानी भर गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बाधित है। बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया है। लगभग सवा लाख आबादी प्रभावित है। कई गांवों के रास्तों पर तेज बहाव के चलते संपर्क कट गया है। एक ग्रामीण पानी के तेज बहाव में बह गया। पीएसी की टीम उसकी खोजबीन में जुटी है। कई मकान कटान के मुहाने पर आ गए हैं। हर तरफ पानी ही पानी देख इलाके में हाहाकार मचा हुआ है। ग्रामीण नाव से पैदल व अन्य तरीकों से गृहस्थी समेटकर सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर रहे हैं। कई परिवार सैलाब के बीच फंस गए हैं, इन्होंने छतों पर शरण ले रखी है।

सोमवार को बैराजों से साढ़े सात लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी यहां पहुंचने पर हालात भयावह होने की आशंका से ग्रामीण दहशत में हैं। ब्लॉक रेउसा क्षेत्र में बाढ़ ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। सरयू की बेकाबू लहरों ने लगभग 15 किमी. इलाके को अपनी जद में ले लिया है। तलहटी के पासिनपुरवा, संबारी पुरवा, सुकईपुरवा, आशाराम पुरवा, निर्मलपुरवा, गार्गीपुरवा, दुर्गापुरवा, परमेश्वरपुरवा, लोधपुरवा, जंगल टपरी, संतरामपुरवा, सिसैया बाजार, चौकीपुरवा, ठेकेदारपुरवा, जैतहिया, श्यामलाल पुरवा, सुंदरनगर, चहलारी, गुरगुचपुर, सुकेठा, भरथा, राजापुर कला, खानी हुसैनपुर, दुलामऊ, कंडी, बजहा ताहपुर, म्योढी छोलहा, श्रीराम पुरवा समेत 90 से अधिक गांव व मजरे बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। खेत व सड़कें जलमग्न हैं। घरों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया है। बाढ़ के पानी से करीब आधा दर्जन संपर्क मार्ग कट गए हैं। ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। गौलोक कोडर के मजरा गार्गीपुरवा में राम लखन, सालिकराम का घर कटान के मुहाने पर पहुंच गया है। थानगांव थाना क्षेत्र के जंगल टपरी निवासी मौजी लाल सोमवार को मवेशी चराने गया था। रास्ते पर पानी के तेज बहाव से वह बह गया। पीएसी की टीम उसकी तलाश में जुटी है। ब्लॉक रामपुर मथुुरा क्षेत्र में फतेपुर के पास लगे मीटर गेज पर सोमवर को सरयू का जलस्तर 119.60 मीटर दर्ज किया गया। पिछले चौबीस घंटे में जलस्तर 20 सेमी. बढ़ा है। लाल निशान से पानी 60 सेमी. ऊपर बह रहा है।

तटवर्ती कोठार, फतेपुरवा, दुबेपुरवा, मिश्रणपुरवा, जगरूपपुरवा, कुंभरौरा, कटुआघाट, रानीगंज, अखरी, रामरूपपपुरवा, निरंजनपुरवा, कनरखी, प्यारेपुरवा, सुंदर पुरवा, अंगरौरा, सोतीपुरवा, खरगीपुरवा, बंगालीपुरवा, हरिपुरवा, अखरी, बाबाकुटी, शंकर पुरवा समेत करीब 60 गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। बक्सीपुरवा, दुबेपुरवा, शंकरपुरवा, अखरी, प्यारेपुरवा, निरंजनपुरवा सहित करीब 30 गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया है। अखरी, अंगरौरा, कलुआपुर में लगभग 40 परिवार तटबंध पर तिरपाल लगाकर गुजर बसर कर रहे हैं। सैकड़ो एकड़ धान, गन्ना, मेंथा व उरद की फसल डूब गई है। स्थिति भयावह हो रही है। राहत के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
लहरपुर में शाहपुर से आंबा रामापुर जाने वाले मार्ग पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के ग्राम लोन पुरवा, भट्ठा, चपर तला, हजारी पुरवा, सलारपुर आदि गांव पानी से घिर गए हैं।
कुदरत की झेल रहे दोहरी मार
एक तो बाढ़ ऊपर से बारिश… गांजर के लोग कुदरत की दोहरी मार झेल रहे हैं। रामपुर मथुरा क्षेत्र के बाढ़ पीड़ित गजराज, केसऊ, मुन्नू आदि ने बताया कि बाढ़ से घरों में करीब पांच फीट पानी भरा है। ऊपर से तेज बारिश के कारण रहने व खाने का संकट खड़ा हो गया है। पेट भरने का कोई इंतजाम नहीं बचा है। राममूर्ति, पाले व विक्रम ने बताया कि बाढ़ का पानी घरों में भर जाने से अधिकांश सामान बर्बाद हो गया है।
खेत में लगी फसल भी पानी में डूब कर सड़ रही है। हम लोग कुदरत की दोहरी मार झेल रहे हैं। जानवरों के लिए रखा भूसा भी बाढ़ की भेंट चढ़ गया है। राकेश ने बताया कि मकान नदी में कट कर बह गया है। मुआवजा 95 हजार रुपये मिला है। बसने की जमीन के साथ आवास भी मिल जाए तो जीवन यापन हो सकता है।
कई विद्यालयों में भर गया पानी
रेउसा क्षेत्र का प्राथमिक विद्यालय चहलारी, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय जैतहिया, प्राथमिक विद्यालय ठेकेदार पुरवा, प्राथमिक विद्यालय एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय रामलाल पुरवा, प्राथमिक विद्यालय श्रीरामपुरवा, प्राथमिक विद्यालय म्योढी छोलहा आदि में बाढ़ का पानी भर गया है। सोमवार को स्कूलों में अवकाश था। हालात देखते हुए यहां पठन पाठन का कार्य अभी संभव नहीं है। म्योडी छोलहा में निर्माणाधीन पंचायत भवन कटान की कगार पर आ गया है।
सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए जा रहे ग्रामीण
बिसवां तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित मजरों में नौ हजार लंच पैकेट वितरित किए गए है। लोधपुरवा, पासिनपुरवा और गार्गीपुरवा में पीएसी भी है और वहां पर भी स्टीमर लगा है। हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है। महमूदाबाद तहसीलदार मनीष कुमार ने बताया कि जलस्तर बढ़ रहा है। बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर लाने के लिए टीमें लगाई गई हैं। उन्हें तिरपाल लगवाकर तटबंध तथा रामपुर मथुरा कस्बे में चार इंटर कॉलेज के भवनों में पहुंचाया जाएगा। जिन परिवारों के पास खाने या राशन की समस्या है, उसके लिए शीघ्र ही राशन किट वितरित करने की व्यवस्था की जा रही है।
डीएम व एसपी ने चहलारी घाट पुल से लिया बाढ़ का जायजा
सोमवार को डीएम अनुज सिंह और एसपी घुले सुशील चन्द्रभान ने बाढ़ क्षेत्र का दौरा किया। गांवों में अत्यधिक पानी होने से अफसर गाड़ी से नहीं उतर सके और चहलारी घाट पुल पर पहुंचकर बाढ़ का जायजा लिया। फिर वहां से वापस मारूबेहड़ बाढ़ चौकी पर रुके। वहां समय पर जानवरों को चारा और बाढ़ पीड़ितों को लंच पैकेट वितरित कराते रहने के निर्देश दिए।
डूबते लोगों को सिपाहियों ने बचाया
रेउसा क्षेत्र के मारूबेहड़ निवासी जमील व शकील खटिया की नाव बनाकर अपरोज पुल के नीचे भरे बाढ़ के पानी में गौलोक कोडर के मजरा हैदरपुरवा गांव जा रहे थे। तभी अचानक खटिया की नाव उलट गई। उस पर बैठे शकील और जमील बाढ़ के पानी में डूबने लगे। इसी बीच रेउसा से चहलारी की ओर जा रहे थाना रेउसा के कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार और चालक राहुल ने उन्हें डूबते देख दोनों की जान बचाई। गंभीर हालत में दोनों को सीएचसी रेउसा में भर्ती कराया, जहां दोनों का इलाज जारी है।
अधिकारियों ने लोगों को किया अलर्ट
तंबौर। ब्लॉक बेहटा क्षेत्र में नदी के मुहाने पर बसे गांवों में बाढ़ की आशंका के मद्देनजर बचाव व सहायता पहुंचाने के गांजर इंटर कॉलेज में बाढ़ चौकी स्थापित की गई है। चौकी प्रभारी संयुक्त बीडीओ घनश्याम वर्मा ने बताया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे सभी विभागों के अधिकारी व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। एडीएम न्यायिक हरि शंकर शुक्ल ने बाढ़ चौकी पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। लहरपुर एसडीएम अनुपम मिश्रा ने सोमवार को नदी किनारे मानपुर, मल्लापुर व इच्छा गांव पहुंचकर जलस्तर की जानकारी लेते हुए लोगों को अलर्ट रहने को कहा।

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