Mon. Jun 22nd, 2026

Author: Roshan Lal Sahu

छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री ने नगरनार के नाम पर भाजपा को घेरा

भिलाई. कांग्रेस सरकार ने 70 साल में जो रेल, सार्वजनिक उपक्रम व जहाज जैसे क्षेत्र में विकास किए थे। उन सभी को केंद्र सरकार बेचने में जुटी है। इस वजह से…

भिलाई इस्पात संयंत्र के 60 करोड़ की जमीन को करवाया कब्जे से मुक्त

भिलाई. नंदिनी एयरपोर्ट रोड पर से लगी भिलाई इस्पात संयंत्र की करीब 11.8 एकड़ जमीन को नगर सेवाएं विभाग ने मंगलवार को कब्जे से मुक्त करवाया है। इस जमीन का बाजार…

महाराष्ट्र के कुछ एक प्रमुख

ताडोबा उधान भारत के महाराष्ट्र राज्य का एक प्रमुख राष्ट्रीय उधान है, जो चंद्रपुर जिले मे स्थित है। यह प्रमुखतासे टाबगर साईटिंग के लिए जाना जाता है। यह 1955 में…

परमात्मा की उपस्थिति ही कई समस्याओ का समाधान है।

आपके अपने लोग भी यदि आपके कत्ल की साजिस कर रहे हो और अचानक आप पहुंच जाएं तो देखकर कहेंगे अरे क्या बात है, हम आपकी लंबी उम्र की दुआ…

क्या लंदन-सिडनी जैसी हो जाएगी दिल्ली? समझें रोजगार-इकोनॉमी के लिए कितना जरूरी है ‘नाइट लाइफ कल्चर’

लंदन, न्यूयॉर्क, सिडनी, पेरिस जैसे दुनिया के बड़े शहरों में दशकों से नाइट लाइफ का कल्चर है. भारत में मुंबई और बेंगलुरु जैसी सिटीज में भी नाइट लाइफ का कल्चर…

मध्य प्रदेश में आफत जारी, कई जिलों में अब भी अलर्ट, देखें लिस्ट

मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से बारिश का दौर जारी है, जो किसानों के लिए आफत बनकर सामने आई है. बीती रात राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में बादल…

करवा चौथ पर राशि के अनुसार पहने इस रंग की साड़ी और चूड़ियां, दांपत्य जीवन के लिए है शुभ

3 अक्टूबर को करवा चौथ है। करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र की कामना के साथ व्रत…

बीएसपी में दूसरे प्रदेश के ठेकेदारों को दिया जा रहा काम, स्थानीय कांट्रेक्टर भड़के

भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र के अलग-अलग विभागों में नए टेंडर में नियम शर्तों को कुछ इस तरह से तैयार किया जा रहा है। जिससे स्थानीय ठेकेदारों को काम न मिले और…

वे हमारे ऊपर चिल्लाते हैं, क्या हम भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई न करें? पीएम का विपक्ष पर हमला

अपने गुजरात दौरे के तीसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजकोट के जमकंदोरना में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। अपने गुजरात दौरे के तीसरे…

जानें जयप्रकाश नारायण के एक एक्शन से कैसे डोल गईं इंदिरा

जयप्रकाश नारायण ये एक ऐसा शख्स है, जिसने आंदोलन के जरिए राजनीति की तस्वीर ही बदल दी थी। अपने जमाने के सबसे ताकतवर नेता इंदिरा गांधी के हाथ से पीएम…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया