Mon. Jun 22nd, 2026

Author: Roshan Lal Sahu

आंध्र प्रदेश पहुंची ‘भारत जोड़ो यात्रा’, राहुल गांधी का हुआ स्वागत

भारत जोड़ो यात्रा के तहत राहुल गांधी समेत अन्य कार्यकर्ताओं के आंध्र प्रदेश पहुंचते ही राज्य कांग्रेस अध्यक्ष साके शैलजानाथ और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया।   कांग्रेस…

चुनाव से पहले गुजरात को एक और सौगात, पीएम मोदी ने की आयुष्मान कार्ड के वितरण की शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गुजरात में पीएमजेएवाई-एमए योजना आयुष्मान कार्ड के वितरण की शुरुआत की। पीएम मोदी ने आयुष्मान कार्ड के लाभार्थियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग…

फीस नहीं देने पर अभिभावकों को पीटीएम से लौटाया:जामुल डीएवी के पैरेंट्स मीटिंग में हंगामा, फीस चुकता करने के लिए लगवाई लंबी लाइन

एसीसी जामुल में संचालित डीएवी पब्लिक स्कूल में पैरेंट्स टीचर मीटिंग (PTM) में जमकर हंगामा हुआ। पीटीम में जैसे ही पैरेट्स क्लास टीचर के पास पहुंचे उन्हें फीस पटाने के…

BSP में लोहा चोरी का कांग्रेस नेता से कनेक्शन:ग्रामीणों ने पार्षद के साथ मिलकर पकड़ा ‌‌‌स्क्रैब से भरा पिकअप, CISF-पुलिस पर मिलीभगत का आरोप

भिलाई स्टील प्लांट से लोहा चोरी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शिकायत के बाद भी पुलिस और CISF ध्यान नहीं दे रही है। शनिवार रात उतई थाना अंतर्गत…

ट्रांसपोर्ट नगर की मुख्य सड़क बनी तालाब:ट्रांसपोर्ट नगर के विकास की विफलता को लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत

भिलाई के जिस ट्रांसपोर्ट नगर में हर दिन अरबों का व्यवसाय हो रहा है, उसी ट्रांसपोर्ट नगर की सड़कें गढ्‌ढों में तब्दील हैं। ट्रांसपोर्ट नगर के विकास की विफलता को…

शराब दुकान हटाने निकाली मशाल रैली:भिलाई के नंदनी रोड में बड़ी संख्या में महिलाएं हुईं शामिल, विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी

नंदिनी रोड से अंग्रेजी व सरकारी शराब दुकान को हटाने के पिछले 38 दिनों से लगातार धरना आंदोलन जारी है। रविवार शाम इसके विरोध में मशाल रैली निकाली गई। इस…

रायपुर नाका अंडरब्रिज को खोलने की कोशिश:बेरिकेड्स को गैस कटर से काटकर चले गए लोग, अब तक नहीं हो पाया है उद्घाटन

दुर्ग शहर में निर्माणाधीन रायपुर नाका अंडरब्रिज को खोलने की कोशिश की गई है। कुछ लोग ऑटो से आए और गैस कटर से बेरिकेड्स को काटकर चले गए। बता दें…

Drishyam 2  सात साल बाद अतीत से रूबरू होगा सालगांवकर परिवार, अजय-अक्षय खन्ना की जंग में होगी किसकी जीत

फिल्म ‘दृश्यम 2’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। अजय देवगन एक बार फिर विजय सलगांवकर के रूप में वापस आ गए हैं। बता दें कि इस बार सलगांवकर परिवार से पंगा…

महराजगंज में बाढ़: खतरे के निशान से ऊपर बह रही राप्ती, चंदन स्थिर

अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड द्वितीय राजीव कपिल ने बताया कि शनिवार की तुलना में रविवार को राप्ती नदी के जलस्तर में 0.01 मिलीमीटर की बढ़ोतरी पाई गई। रोहिन नदी के…

जारी हुए 58 करोड़ रुपये, 3844 आवासों के निर्माण में आएगी तेजी

जारी हुए 58 करोड़ रुपये, 3844 आवासों के निर्माण में आएगी तेजी– जिले के सभी 11 निकायों को जारी की गई दूसरी किस्त की धनराशिसंवाद न्यूज एजेंसीमहराजगंज। दूसरी किस्त का…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया