Mon. Jun 22nd, 2026

Author: Roshan Lal Sahu

कुपोषित बच्चों के प्रति संवेदनशील रहकर कार्य करें स्वास्थ्य कर्मी

कुपोषित बच्चों के प्रति संवेदनशील रहकर कार्य करें स्वास्थ्य कर्मी– जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने जिला चिकित्सालय का किया निरीक्षण– पुरानी तहसील परिसर व रोडवेज का भी जाना हाल संवाद…

पर्यटकों के लिए राहत की खबर, नए साल से पहाड़ों की रानी में मिलेगी जाम से निजात

मसूरी की सबसे बड़ी समस्या जाम है। संकरी सड़कों पर आए दिन लोगों को जाम से जूझना पड़ता है। पर्यटन सीजन में तो पर्यटकों, स्थानीय लोगों का मैसानिक लॉज बस…

आज वोट करेंगे पीसीसी सदस्य, जानिए उत्तराखंड में किसका पलड़ा है भारी

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए 22 साल बाद चुनाव की नौबत आई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे और शशि थरूर के…

आईएमए ग्रुप सी की परीक्षा में ब्लूटूथ से नकल करते पकड़े गए तीन, आर्मी इंटेलिजेंस ने किया गिरफ्तार

परीक्षा में तीन युवकों के नकल करने की बात इंटेलिजेंस को पता चली। आर्मी इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने तीन युवकों को परीक्षा हॉल से पकड़ लिया। इनके पास से ब्लूटूथ…

अनफिट होने के बाद भी शपथ पत्र भरकर अपने जोखिम पर केदारनाथ यात्रा के लिए गए चार यात्री

रविवार को 885 यात्रियों के स्वास्थ्य की जांच की गई, जिसमें चार यात्रियों का रक्तचाप अधिक और ऑक्सीजन लेवल कम पाया गया। स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सकीय टीम ने सोनप्रयाग में…

खालिस्तान जनमत संग्रह का मुद्दा कनाडा के सामने रखा, पाकिस्तान के आतंकवाद पर हमारी स्थिति स्पष्ट

कजाकिस्तान के अस्ताना में सीआईसीए शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान द्वारा उठाए गए जम्मू-कश्मीर मुद्दे और पाकिस्तान से संबंधों के मुद्दे पर प्रवक्ता ने कहा कि हम पाकिस्तान के साथ सामान्य…

हीरा बा को अपशब्द कहना दुर्भावनापूर्ण, स्मृति ईरानी बोलीं- केजरीवाल का घटिया स्तर चौंकाने वाला नहीं

गुरुवार को इटालिया का नया वीडियो वायरल हुआ है। इसमें एक बार फिर पीएम मोदी के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और उनकी मां हीराबेन के लिए भी…

स्टेडियम के बाहर हुई थी हिंसा

चश्मदीदो ने बताया कि अपनी टीम की हार से निराश अरेमा के हजारों समर्थको ने खिलाड़ियो और फुटबाँल अधिकारीयों पर बोतल तथा अन्य वस्तुएं फेकी। प्रशंसक कंजुरुहान स्टेडियम के मौदान…

केजरीवाल पर गंभीर आरोप, पीएम मोदी की मां को दिलवाई गाली

पीएम मोदी की मां हीराबेन पर आम आदमी पार्टी के गुजरात चीफ गोपाल इटालिया की विवादित टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर जोरदार…

शिवलिंग की कार्बन डेटिंग पर कभी भी आ सकता है फैसला, ये है अभी तक का अपडेट

ज्ञानवापी-मां श्रृंगार गौरी मामले पर फैसला वाराणसी के जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश के कोर्ट में सुनाया जाएगा। ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में मिले कथित शिवलिंग की भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया