Mon. Jun 22nd, 2026

Author: Roshan Lal Sahu

गोरखपुर: फंदे से लटका मिला किशोरी का शव, जांच में जुटी पुलिस

पुलिस के मुताबिक, पिता के जाने पर दिव्यांशी ने दरवाजा बंद कर लिया। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे तक उसका कमरा नहीं खुला। इस पर पिता व सौतेली मां ने आवाज…

काँमन एंट्रेस टेस्ट से आएगी समानता

देश के सभी 45 केंन्द्रीय विश्वविधालयों में स्नातक स्तर (यूजी) मे प्रवेश के लिए यूजीसी ने एक काँमन एंट्रेस टेस्ट का खाका तैयार किया है। यह देखने मे आया कि…

प्रियंका गांधी ने सोलन के मां शूलिनी मंदिर में की पूजा-अर्चना, जारी किया पार्टी का प्रचार गीत

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने हिमाचल प्रदेश के सोलन से विधानसभा चुनाव के शंखनाद से पहले मां शूलिनी मंदिर में पूजा-अर्चना की। प्रियंका गांधी ने महारैली में जनता को…

एडीए ने 32 साल बाद कब्जा मुक्त कराई 8 करोड़ की जमीन, बन गए थे अवैध मकान व दुकान

जवाहरपुर योजना में खाली पड़ी 3800 वर्ग मीटर भूमि पर अवैध मकान व दुकान बन गए थे। इस जमीन को खाली कराने के लिए एडीए ने बुलडोजर चला दिया। इस…

झोलाछाप कर रहे थे मरीजों का उपचार, स्वास्थ्य विभाग की टीम को देखते ही भागे

शहीद नगर और नाई की मंडी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा तो देखा कि झोलाछाप मरीजों को इंजेक्शन लगा रहे थे। टीम के आते ही ये मौके…

हाथरस : ओवरब्रिज के पास बनी सर्विस रोड जर्जर, हादसों का डर

शहर के तालाब चौराहा स्थित ओवरब्रिज के निकट बनी सर्विस रोड का निर्माण सही तरीके से नहीं किया गया है। इस कारण मार्ग जगह-जगह जर्जर हालत में है। इस कारण…

चार सेक्टर में बांटे गए टीईटी के परीक्षा केंद्र, स्टेटिक मजिस्ट्रेट रहेंगे तैनात

13 केन्द्रों पर प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 10 से 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली की परीक्षा अपराह्न 03 से 05 बजे तक संपन्न होगी। परीक्षा में दोनों पालियों…

जिलाधीश नरेश नरवाल ने लागू की धारा 144

भिवानी। हरियाणा राज्य वायु प्रदूषण बोर्ड के सुझाव पर जिलाधीश नरेश नरवाल ने जिले में प्रदूषण फैलाने वाले विस्फोटक सामग्री पटाखों आदि पर प्रतिबंध लगा दिया है। विस्फोटक अधिनियम के…

देश का गौरव: मेड इन इंडिया लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित 5.8 टन का प्रचंड हेलीकॉप्टर हवा से दुश्मन पर मिसाइलें दाग सकता है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित 5.8 टन वाला ये हेलीकॉप्टर हवा से…

जस्टिस हेमंत गुप्ता ने प्रतिबंध को क्यों सही ठहराया? कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले पर क्या बोले, जानें

कर्नाटक हिजाब मामले में जस्टिस हेमंत गुप्ता ने हिजाब बैन को सही ठहराया है। वहीं जस्टिस सुधांशु धूलिया ने कर्नाटक हाईकोर्ट के बैन जारी रखने के आदेश को रद्द कर…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया