Thu. Dec 1st, 2022

देश के सभी 45 केंन्द्रीय विश्वविधालयों में स्नातक स्तर (यूजी) मे प्रवेश के लिए यूजीसी ने एक काँमन एंट्रेस टेस्ट का खाका तैयार किया है। यह देखने मे आया कि कई राज्यों के शिक्षा बोर्ड इंटरमीड़िएट स्तर पर अंक देने में दरयादिली दिखाते हैं, जिससे दूसरे राज्यों के बच्चों का दाखिला प्रंभावित होता हैं। कट आँफ का दबाव इतना बढ़ता गया है कि पिछले वर्ष डीयू के आठ काँलेजों में 11 कोर्सेजों में कट आँफ शत प्रतिशत रखा गया योजना के तहत 3 घंटा 30 मिंनट की केवल एक परीक्षा होगी, जिसके तीन खंड़ होगे। हालांकि कुछ शिक्षाविद कह रहे हैं कि अससे स्कूल और माध्यमिक स्तर की परीक्षाओं का तहत्व खत्म हो जाएगा लेकिन वे भूल रहे हैं कि नई शिक्षा नीति 5,3,3,4 के तहत स्कूल और माध्यमिक स्तर पर भी प्रोफेशनल कोर्सेज लाए जा रहे हैं ताकि उन्हें रोजगार के लिए उपयोगी बनाया जा सके। हाई स्कूल और इंटर तक के कोर्स में पत्रकारिता और वोकेशनल कोर्स लाने के उदेश्यहीन उच्च शिक्षा की ड़िग्री लेने वालों का दबाव कम होगा। देखना होगा कि 45 केन्द्रीय यूनिवर्सिटीज मे से दों एएमयू और जामिया मिलिया क्या प्रतिक्रिया देते है।

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