Mon. Jun 22nd, 2026

Author: Roshan Lal Sahu

9 साल की साइरा बनाती हैं। ज्वैलरी कहा मुझे बड़ा बजार दिख रहा हैं

9 साल की साइरा ने महामारी के समय खुद को व्यस्त रखने के लिए ज्वैलरी बनानी शुरु की थी। कहा मैने सबसे पहले हार और ब्रेसलेट परिवार के लिए बनाया…

सिकलिंग के मरीज की ब्लड चढ़ाते वक्त जिला अस्पताल, Durg में मौत

लापरवाही बताकर परिजनों ने किया हंगामा, जांच कमेटी गठित, भिलाई. सेक्टर-9 में रहने वाले प्रमोद कुमार बाग, 17 साल को पेट में दर्द होने की वजह से सोमवार को जिला अस्पताल,…

नैक रिजल्ट: साइंस कॉलेज को A + ग्रेड:ए डबल प्लस से चूके, छात्रों के अनुपात में प्रोफेसर नहीं..अब ए प्लस ग्रेड का करेगा रिव्यू

राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) के मूल्यांकन के बाद इस बार फिर दुर्ग साइंस कॉलेज को ए प्लस से संतोष करना पड़ा। कॉलेज प्रबंधन ने इस बार ए डबल…

हक के लिए संघर्ष:पेसा कानून व हसदेव जंगल के संबंध में भी आदिवासी नेताओं ने केंद्र व राज्य सरकार को घेरा, सर्व आदिवासी समाज ने किया प्रदर्शन

सर्व आदिवासी समाज ने 19 सितंबर को हाई कोर्ट के अनुसूचित जनजातीय वर्ग का आरक्षण 32 प्रतिशत से कम कर 20 प्रतिशत करने के आदेश पर नाराजगी जताते हुए पुनः…

रवांडा के रक्षा मंत्री मुरासिरा से राजनाथ सिंह ने की बात, दुनिया देखेगी भारत की ताकत

भारतीय रक्षा उत्पादों के साथ-साथ स्टार्टअप और आधुनिक तकनीकों को शोकेस किया जाएगा। इस मौके पर आयोजित होने वाला ड्रोन शो साबरमती रिवरफ्रंट पर किया जाएगा। गुजरात की राजधानी गांधीनगर…

राजनीति से फुर्सत हो तो दर्द झेल रही कश्मीरी आवाम का कुछ भला सोचें रसूखदार

श्रीनगर सेब, बादाम, अखरोट, केसर की धरती है। डल झील से लेकर गुलमर्ग, सोनमर्ग, पहलगाम सब यहां आने वालों से खुद बातें करते हैं। यहां भला कौन दहशतगर्दी का साथ देना…

रोजर बिन्नी क्यों बनाए गए BCCI अध्यक्ष, कितना लंबा होगा कार्यकाल, इसके पीछे की सियायत क्या? जानें

अभी तक अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे सौरव गांगुली को हटाने के पीछे काफी विवाद भी हो चुका है। पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि…

वर्ष 2030 से पहले आएगा कैंसर का टीका, पढ़ें देश-दुनिया की कुछ खास खबरें

दुनिया को 2030 से पहले कैंसर का टीका मिल जाएगा। कोविड-19 का टीका बनाने वाली बायोएनटेक के सह-संस्थापक युगुर साहिन ने एक बयान में कहा कि कैंसर के इलाज के…

मात्र 1500 रुपये के खातिर: युवक को गाड़ी में बांधकर दो किलोमीटर तक घसीटा, पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने बताया, हमें रात 11 बजे सूचना मिली कि कटक की एक व्यस्त सड़क पर एक युवक को गाड़ी में बांधकर घसीटा जा रहा है। इसके बाद मौके पर…

केरल में अंधविश्वास खत्म करने लिए राज्य सरकार को दिए जाएं निर्देश, हाईकोर्ट में दी गई याचिका

केरल में अमानवीय बुराई प्रथाओं, टोना-टोटका और काला जादू के उन्मूलन के लिए केरल युक्तिवादी संघम ने केरल उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की है। केरल में अमानवीय बुराई…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया