Tue. Jun 23rd, 2026

Author: Roshan Lal Sahu

महिलाओं मनोरंजन की दुनिया में हमारी उम्मीदें बढ़ा रही है।

यह बेहतरीन कहानियां बनाने वालों के लिए और कहानियों का आंनद उठाने का सबसे अच्छा समय हैै। भारत के कोने कोने में ढ़ेर सारी कहानियां मौजूद है।। चाहे कहानिकार नए…

छावनी और बापूनगर तालाब में भी सफाई का बुरा हाल निगम ने ब्लीचिंग पाउड़र तक नही डालाः दया सिंह के साथ बीजेपी पार्षर्दो ने किया निरीक्षण खुल गई निगम की पोल

भिलाई हर साल की तरह इस बार भी बोल बम समिति के अध्यक्ष व भाजपा पार्षद दया सिंह छठ महापर्व को लेकर विशेष तैयारी कर ली है। व्रत रखने वाली…

लद्दाख: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लेह में श्योक सेतु सहित 75 परियोजनाओं का किया उद्घाटन, कहा- तेजी से होगी तरक्की

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लद्दाख के लेह में श्योक सेतु सहित 75 परियोजनाओं का उद्घाटन किया है। इस दौरान उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि ये सभी निर्माण कार्य…

आखिर क्यों रोहित शर्मा अपनी ही बल्लेबाज़ी से नहीं है खुश? जानिए कारण

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने नीदरलैंड के खिलाफ जीत के बाद ऐसा बयान दिया है, जिससे आपको हैरानी हो सकती है। आखिर ऐसा क्या कहा रोहित ने?…

पुतिन ने की PM मोदी जमकर की तारीफ, बोले- स्वतंत्र विदेश नीति रखने का है दम

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय विदेश नीति विशेषज्ञों के एक सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की। पुतिन ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री पर पश्चिमी देशों पर…

तीन दिन से गायब बालक का बोरी में मिला शव, घटनास्थल पहुंचे गृहमंत्री

मां ने बताया कि खेलने के बाद वह शाम को अपने दोस्त ईश्वर साहू के साथ वापस आ रहा था। ईश्वर रास्ते से अपने घर चला गया, पर समीर अपने…

नियम विरुद्ध बोतल व कैन में बेचा जा रहा पेट्रोल

शामली। जिले के पेट्रोल पंप पर खुलेआम नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। पाबंदी के बावजूद भी बोतल में डीजल और पेट्रोल बेचा जा रहा है। जबकि डीएम ने…

दिनभर जाम में फंसे रहे लोग, मंजिल तक पहुंचने को झेली परेशानी

शामली। भैयादूज के दिन शहर में दिनभर जाम के हालात रहे। जाम की वजह से लोग परेशान रहे। एक-दूसरे के यहां पहुंचने के लिए भाई-बहनों को काफी परेशानी का सामना…

आस्था का महापर्व छठ आज से शुरू, जानें छठ पूजा की परंपरा और रीति-रिवाज

सूर्योपासना का यह महापर्व सूर्य षष्ठी को मनाया जाता है, लिहाजा इसे छठ कहा जाता है। छठ सूर्योपासना का पर्व है, जिसे सूर्य षष्ठी को मनाया जाता है। यह पर्व…

बीएसपी आने वाले आयरन ओर ने किया रेलवे ट्रैक के कुशन को खराब

भिलाई. दल्ली राजहरा से भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए हर दिन आयरन ओर रेलवे के रैक से लाया जाता है। प्रतिदिन रेलवे का 3 से 5 रैक रॉ-मटीरियल लेकर दल्ली से…

You missed

खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया