Tue. Jun 23rd, 2026

Author: Roshan Lal Sahu

उपासकों नें त्रिसरण पंचशील बुद्ध वंदना का किया पाठ

भिलाई भारतीय संविधान के शिल्पकार भारत रत्न बोधिसत्व ड़ाँ बाबासाहेब के पौत्र भीमराव यशवंत राव आंबेडकर बीते दिवस बुद्ध विहार सेक्टर 6 पंहुचे। इस दौरान उनका ढोल नगाड़ो से स्वागत…

रामसेतु को राष्ट्रीय विरासत स्मारक घोषित करने पर केंद्र सें जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किये जाने की मांग पर केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए समय दे दिया है। केंद्र सरकार ने आज कोर्ट…

काबुल के पार्क और मेला में महिलाओं की नों ऐट्री

देश की राजधानी काबुल में तालिबान ने महिलाओं पर सार्वजनिक पार्कों और मेले में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया . यह नया नियम इसी हफ्ते लागू किया गया है. इसके…

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई में हत्या के आरोपी शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. शख्स पर बिहार में हत्या की वारदा

बिहार में हत्या करने के बाद एक वांटेड आरोपी छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पहुंचा यहां पिछला करीब डेढ़ महीना से आरोपी अपने रिश्तेदार के यहां फरारी काट रहा था…

सेक्टर 9 अस्पताल में काम से हटाए गए 28 अटेंडेंट धरने पर बैठ गए है।

इसके पहले उन्होंने प्रबंधन सें चर्चा कर मामले का निराकरण करने की मांग की थी लेकिन प्रबंधन द्वारा समस्या का निराकरण नही कर पाने की वजह से अटेंडेंट धरने पर…

एक फीसदी धान भी नहीं खरीद सका भारतीय खाद्य निगम

धान खरीदने के लिए जिले में अलग-अलग एजेंसी के 148 सेंटर है इससे सभी एजेंसी को सेंटरों के मुताबिक लक्ष्य दिया गया है। इसमें भारतीय खाद्य निगम को भी 6000…

बस्तर रेखा घाटी में सिपाही को नक्सलियों ने मारी गोली

छत्तीसगढ के बस्तर जिले में लंबे समय के बाद नक्सलियों ने एक बार फिर अपनी सक्रियता दिखाई है। यहां मारडूम थाना क्षेत्र के मारीकोड़ेर में गुरुवार तड़के सुबह एक आरक्षक…

दिसंबर 2022 में शुरू हो सकता है बीएड कॉलेजों में काउंसिलिंग तैयारी रखें ये दस्तावेज

बीएड कॉलेजों मे प्रवेश की काउसिलिग दिसंबर 2022 में शुरू सकता है। इधर, कॉलेजों की ओर से प्रवेश की तैयारियां अपने स्तर पर तेजी हो चुका है। कॉलेजों मे प्रवेश…

जदू टोने के शक में बुजुर्ग को दौडा के डंडे से पीट पीटकर मार डाला 6 आरोपी पकडे गए

सुकमा जिला के छिंदगढ़ थाना क्षेत्र के चैपेल गांव में सोमवार रात हुई गांव के लक्ष्मण बधेल के हत्या में शामिल 6 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।…

भ्रष्टाचारी बचने नही चाहिए जांच एजेंसिया दबाव में न आए मोदी

प्रघानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा की भ्रष्टाचारि पर कार्यवाही करने वाले केंद्रीय सतर्कता आयोग जैसे संगठन और जांच एजेंसियों को किसी दबाव में आने की जरुरत नही है। देश की…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया