Tue. Jun 23rd, 2026

Author: Roshan Lal Sahu

एरिगेसी की पहला जीत प्रज्ञानानंद को मिली हार

अमेरिका के हैंस नीमन ने 24 अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया. टूर्नामेंट के पहले दिन तीन जीत से शानदार शुरुआत करने वाले प्रज्ञानंद ने 23 अंक हासिल किए.…

नरेंद्र मोदी ने बोला अपने प्रदर्शन की तुलना पूर्व पीएम मनमोहन सिंह से की है

गुजरात में पहले चरण मे मतदान के महज 2 या 3 दिन बाकी हैं इससे पहले नरेंद्र मोदी ने सोमवार के एक बार फिर तावड़तोड़ रैलि कीं। मोदी ने कांग्रेस पर…

खो-खो, वॉलीबाल व दौड़ में दिखाया दम

ग्राम सिरसा बकरियांवाली में ग्रामीण ओलंपिक खेलों का आयोजन किया गया है जिसमे खो-खो, वॉलीबाल व दौड़ आदि खेलों में खिलाड़ियों ने भाग लिया तथा विजेता खिलाड़ियों को मुख्यातिथि ने…

जामसांवली मंदिर की कहानी और चमत्कार के बारे में जानिये

श्रीराम भक्त हनुमान को कलियुग का देवता भी कहा गया है। मान्यता है कि हनुमान आज भी धरती पर मौजूद हैं और जहां भी राम कथा का आयोजन होता है,…

नवनिर्वाचित जिला पार्षद और ब्लॉक समिति सदस्यों ने निकाला विजयी जुलूस

बाढड़ा खंड के नवनिर्वाचित जिला पार्षद व ब्लॉक समिति के विजेताओं ने मुख्य क्रांतिकारी चौक पर महाशय मंशाराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर जन सेवा का संकल्प लिया। परिणाम घोषित…

सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति ने तोड़ दम

गांव हमींदपुर के पास सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। वहीं परिजनों…

गार्मिन ने लाँन्च किया पहला स्मार्ट माँनिटर

गार्मिन ने पहला एफडीए सर्टिफाइड स्मार्ट ब्लड प्रेशर लांच किया है। इस डिवाइस की मदद से यूजर्स इस माँनिटर को गार्मिन की स्मार्टवाँच और अन्य वियरेबल प्रोडक्ट्स से भी कनेक्ट…

फारुक ने दिया अध्यक्ष पद से इस्तीफा

जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम डाँ. फारुक अब्दुल्ला ने शुक्रवार को नेशनल काँन्फ्रेंस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। श्रीनगर में अपने पार्टी कार्यकर्ताओं कों संबोधित करते हुए…

भिलाई प्रियंका हत्याकांड: कलेक्टर बनना चाहती थी प्रियंका, फीस भरने के लिए करती थी पार्ट टाइम जॉब

 छत्तीसगढ़  के बिलासपुर की भिलाई की प्रियंका की निर्मम हत्या के बाद अब उसके घर में चारों ओर सन्नाटा पसरा हुआ है. मोहल्ले में मातम छाया हुआ है. यह होना…

पटरी से उतरा फिरसे ट्रेन मचा हड़कंच, बोगी को काटकर अंदर घुसी रेलवे की टीम फिर बचाई यात्रियों की जान,

दुर्ग से राजहरा रेल मार्ग के अंतर्गत मरोदा रेलवे स्टेशन के यार्ड में शुक्रवार को यात्री ट्रेन की एक बोगी पटरी से उतर गया था । दुर्घटना मे बोगी में…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया