Tue. Jun 23rd, 2026

Author: Roshan Lal Sahu

रुस में ब्लास्ट से नौ की मौत अब तक 60 का रेस्क्यू

रुस के एक गांव में बिल्डिंग में 5 मंजिल पर ब्लास्ट हो गया इस हादसे में 4 बच्चों समेत 9 लोगों की मौत हो गया हादसा शनिवार सुबह हुआ। आपात…

भाजपा के चार नेताओं को जान का सतरा है। और सुरक्षा बढ़ी

पंजाब में हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए 4 नेताओं की सुरक्षा एक्स कैटेगरी कर दी है। गृह मंत्रालय नें पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री बलबीर सिंह…

फुटबॉल में लक्ष्मी और कबड्डी में तारा की टीम रही विजेता

महोबा। ग्रामोन्नति संस्थान की ओर से रविवार को जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेलकूद प्रतियोगिताएं हुईं। इसमें फुटबॉल व कबड्डी प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को शील्ड और प्रशस्ति पत्र देकर पुरसकार…

किसान मंत्री बोला बदल सरकार के समय में रानियां में महंगा दर पर भूमि खरीदी की होगी जांच

मंत्री ने कहा कि सरकार को रजिस्ट्री करवाने वाले किसान और उससे पहले के मालिक परिवारों को ढूंढा जाएगा ताकि सभी सच्चाई सामने आ सकेगा । उन्होंने बताया कि भूमि…

प्यास लगने पर कुआं खोदना के मुहावरे को चरितार्थ कर रहे निगम अधिकारी

नगर पालिक निगम, भिलाई नगर में डायरिया को पैर फेयला हुगा है अब सप्ताह बीत रहा है। निगम के अधिकारियों ने बीते 7 दिनों में मोहल्ले का जायजा लिया। पानी…

लाखों रुपये का चूना लगाकर फरार होने वाले आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर मे आढ़ती को लाखों रुपये का चूना लगाकर फरार होने वाला आरोपी को बरमाणा थाना मे पुलिस ने झारखंड के राजमहल मे गिरफ्तार किया है। उसे वीरवार को बिलासपुर…

हमीरपुर कुत्तो ने नोच डाली 2 साल की मासूम बच्ची, 12 घंटे के बाद मे झोंपड़ी के पास मिला शव

मासूम बच्ची की वीरवार रात करीब लगभग 8 बजे लापता हो गई थी। सुबह बच्ची का शव वार्ड नंबर 8 में कुंदरा के पास मिला। हमीरपुर शहर में दिल को…

6 जनवरी से दुर्ग भिलाई में लगेगा सबसे बड़ा व्यापार मेला

भिलाई में नए साल का पहला महीना मे दुर्ग भिलाई में रहने वालो के लिए बेहद खास होगा भिलाई दुर्ग के सबसे बड़ा व्यापाार मेला 6 से 15 जनवरी तक…

आजादी के बाद भी पढ़ाया गया साजिशन रचा गया इतिहास, लचित बरफुकान जयंती समारोह बोले प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली के विज्ञान भवन में लचित बरफुकान पर आयोजित प्रदर्शनी का भी दौरा किया। कार्यक्रम के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा भी मौजूद रहे।  प्रधानमंत्री…

डायरिया ने कैंप-1 में पसारा पैर, 2 की मौत 60 से अधिक अस्पतालों में दाखिल

कैंप-1 भिलाई.शारदा पारा व वृदां नगर में मंगलवार के रात से डायरिया के शिकायत प्रकाश में आने लगी। बुधवार को दोपहर तक विभिन्न अस्पतालों में 30 से अधिक मरीज पहुंच…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया