Tue. Jun 23rd, 2026

Author: Roshan Lal Sahu

भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी

काग्रेस नेता राहुल गांधी को भारत जोड़ो यात्रा 23 नवंबर को मध्यप्रदेश में शुरु होगा। इससे पहले ही यात्रा के दौरान बम के धमाके करने का धमकी मिली है। इस…

साथी को पीटने पर भड़का वकील ने लगाया जाम सड़क पर

जमीन के विवाद में साथी को पीटे जाने से नाराज वकीलों ने करीब 3 बजे में मुंसिफी के सामने सड़क पर जाम लगा दियाइससे 1 घंटे तक आवागमन बाधित रहा…

पहली बार 6 महिला अधिकारियों का प्रतिष्ठित डीएसएससी में प्रवेश

पहली बार 6 महिला अधिकारियों नें डिफेंस सर्विसेज स्टाफ काँलेज डीएसएससी के परीक्षा पास की है। और भारतीय सेना के अधिकारी ने बताया कि एक महिला अधिकारी ने बताया की…

राजीव गांधी हत्याकांड: 6 दोषियों की रिहाई वाले SC के फैसले को चुनौती देगी कांग्रेस

कांग्रेस राजीव गांधी हत्याकांड के खिलाफ 6 दोषियों की रिहाई वाले सुप्रीम कोर्ट मे फैसले को चुनौती देने की तैयारी कर रही है. पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के…

पिता ही निकला बेटी का कातिल आन की खातिर ले ली जान, इसलिए रची हत्या की खौफनाक साजिश

मथुरा के यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर कृषि अनुसंधान केंद्र के पास लाल रंग के ट्रॉली बैग में खून से लथपथ मिला शव दिल्ली के गांव मोड़बंद की आयुषी…

भोपाल में बंसल ग्रुप पर इनकम टैक्स की रेड, रिंग सेरेमनी की स्टीकर लगी गाड़ियों से आई टीम

राजधानी भोपाल में बंसल ग्रुप के 40 ठिकानों पर आयकर विभाग ने शुक्रवार सुबह छापेमारी की है। भोपाल, इंदौर और मंडीदीप में सुबह आयकर विभाग ने छापेमारी की। छापेमारी करने…

उत्तराखंड प्रदेश को खेल के क्षेत्र मे केंद्र मे बडे सौगात स्पोर्ट्स कॉलेज को केआईएससीई के रूप में मंजूरी

खेलों इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस योजना के तहत उत्तराखंड में महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज को केआईएससीई के रूप में मंजूरी मिला है विभागीय अधिकारियों के मुताबिक कॉलेज के केंद्र…

देश का पहला प्राइवेट रॉकेट हुआ लॉन्च

कांग्रेस पार्टी के भारत जोड़ो यात्रा महाराष्ट्र के बालापुर से निकला है। वहीं आतंकवाद की फंडिंग से निपटने के तरीकों पर बातचीत के लिए दिल्ली में आज से 2 दिवसीय…

प्रिंयका बोली जयराम सरकार ने हिमांचल को कर्ज में डूबोया

हिमाचल में शोरभरा चुनाव प्रचार गुरुवार को थम गया आखिरी दिन भाजपा नें हुंकार भरी तों कांग्रेश ने इमोशनल कार्ड चला कांग्रेस नेता प्रिंयका गांधी ने तीन रैयली की। उन्होने…

 भोपाल में स्विमिंग पूल में डूबने से रंगकर्मी की मौत, बिरसा मुंडा का किरदार निभाया था

पुलिस के अनुसार रमेश अहीर प्रकाश तरण पुष्कर में स्विमिंग खीस रहे थे। गुरुवार को भी वह रोज की तरफ सुबह 10 बजे स्विमिंग पूल पहुंच गए थे। वह कम…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया