Tue. Jun 23rd, 2026

प्रघानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा की भ्रष्टाचारि पर कार्यवाही करने वाले केंद्रीय सतर्कता आयोग जैसे संगठन और जांच एजेंसियों को किसी दबाव में आने की जरुरत नही है। देश की भलाई का काम करने वाले को अपराधबोध में नही जीना चाहिए। मोदी सतर्कता जागरुकता सप्ताह पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहा था उन्होने कहा हमें राजनीतिक एजेंडे पर नही चलना है। आम लोगों के मुसीबतों से कराना है। किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचारी बचने नही चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने मामले में अमेरिकी अधिकारी द्वारा मोदी का जिक्र किए जाने के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में कहा, ‘सच कहूं, तो मैं यह समझने में विफल हूं कि प्रधानमंत्री मोदी पर टिप्पणी (अमेरिकी अधिकारी को) कैसे प्रासंगिक या आवश्यक लगी.’ बागची ने भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों का जिक्र करते हुए कहा, ‘हमारे दोनों देशों के बीच बहुत ही विशेष संबंध हैं जो और मजबूत हो रहे हैं तथा हम इसे और गहरा करने के लिए अमेरिका के साथ काम करने की आशा करते हैं.’

खरीद फरोख्त के सबूत दिया केसीआर
तेलगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव ने विधायकों की खरीद फरोख्त को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कहा लोंकतंत्र की हत्या करते हुए राज्यो की सरकारों को गिराते हुए लोगो को डर में रखकर क्या मिलेगा़? हमारे विधायको कों खरीदने की कोशिश हुई मैने चीफ जास्टिस हाई कोर्ट के जजों को मुख्यमंत्रीयों को वीडियो भेजा है। मैं। पीएम से अपील करता हूँ कि लोकतंत्र को बचाइ केसीआर का कहना है कि बीजेपी की 22 लोगों के एक टीम विभिन्न राज्यों में विधायकों के अवैध शिकार और चुनी हुई है सरकारो पर बुलडोजर चलाने पर काम कर रही है. केसीआर ने न्यायपालिका से अपील की है कि तेलंगाना के विधायकों के अवैध शिकार का मामला सिर्फ इस राज्य तक सीमित नहीं है इसके अन्य राज्यों में भी होने की संभावना है.

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया