Wed. Jun 24th, 2026

Author: Roshan Lal Sahu

भूपेश बघेल नें बोला हिमाचल जीता अब कनार्टक के बारी

प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल नें कहा हिमाचल जीता कांग्रेश कों जीत मिला है। उसमे छत्तीसगढ़ के कांग्रेस सरकार की योजनाओंका अहम रोल है। यहां की योजनाओ को कांग्रेस नें…

पवन कल्याण के ऐसा करने से खूश नहीं फैंस

हैदराबाद जनसेना पार्टी के प्रेसीडेंट और तेलुगु सुपरस्टार पवन कल्याण किसी परिचय के मोहताज नही है। साउथ ही नहीं बल्कि देश विदेश में उनके स्टारडम के चर्चे है। अभिनेता अभिनय…

धान का पैसा खाते में आयालेकिन हाथ में नहीं, बैंक की लाइन में देर रात तक लगा रहा किसानों का हंगामा

छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के बाद भी रकम बैंक खातों में तो आ गई है, लेकिन किसानों के हाथ में नहीं आया । बैंक के लंबे लाइन…

कांग्रेस पार्षद का हाईवोल्टेज ड्रामा, विरोध के बाद अब प्रतिमा लगाने आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला में 25 दिसंबर को स्व. अटल बिहारी वी जे पी के जन्मदिन पर मचा बवाल के बाद विरोध करने वाले कांग्रेस पार्षद ने ही स्व अटल…

वार्ड 39 में मनाया गौरव दिवस उठाया लाभ

भिलाई में मुख्यमंत्री के 4 वर्स होने पर वार्ड नं 39 में गौरव दिवस मनाया गया है। जिसमें एमआईसी मेम्बर रीता सिंह गेरा ने वार्ड की महिला व पुरुषों और…

राष्ट्रीय राजमार्ग 53 में रायपुर से भिलाई के बीच निर्माणाधीन कुम्हारी फ्लाई ओवर ब्रिज एक सप्ताह के लिए पूरी तरह से बंद रहेगा

यातायात भिलाई के डीएसपी ने बताया कि कुम्हारी ओवर ब्रिज के रायपुर से भिलाई जाने वाले लाइन के ब्रिज को लोगों की सुविधा के लिए 24 घंटे के लिए शुरू…

भिलाई शहर में बिना हेलमेट और सीट बेल्ट लगाए गाड़ी चलाते पाए जाएंगा तब पुलिस आपसे सड़क किनारे पड़ा कचरा उठवाएगा

सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक सेंस में जागरूकता लाने के लिए दुर्ग पुलिस ने गुलाब देकर और चालान काटकर खूब देख लिया। अब पुलिस ने दूसरे तरीके से अख्तियार किया है।…

कमकासुर चिकित्सा शिविर

भिलाई नगर में सेल भिलाई इस्पात संयंत्र के दल्ली राजहरा के डुल्की मांइस के कमकासुर गांव मे बीएसपी सीएसआर विभा्र द्वारा निशुल्कचिकित्सा शिविर संपन्न हुआ। शिविर में शुगर बीपी के…

बाबा घासीदास की जंयती पर आज मुख्यमंत्री होंगे शामिल

कुम्हारी में बाबा गुरु घासीदास जंयती के अवसर पर प्रतिवर्ष की भांति 3 दिवस समारोह का आयोजन प्रकाश उत्सव के रुप में मनाया जा रहा है। इस वर्ष कार्यक्रम में…

बेमेतरा नवागढ़ सड़क पर हादसा:तेज रफ्तार डनफर गाड़ी ने बाइक सवार को मारी टक्कर मौत

बेमेतरा नवागढ़ मार्ग पर डनफर ने बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दिया है । मौके पर ही बाइक सवार एक व्यक्ति की मौत हो गया । इस घटना शाम…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया