Wed. Jun 24th, 2026

Author: Roshan Lal Sahu

रिसाली निगम का फैसला:झूठा शपथ पत्र देकर काम लेने वाले ठेकेदार के खिलाफ होगी एफआईआर

रिसाली  के नगर  पालिका निगम ने शहर के   साफ सफाई करने वाली एजेंसी पीवी रमन का ठेका देने  का  निरस्त करने का फैसला किया है। साथ मे ही एजेंसी के…

पोषण आहार में गुरुर काँलेज प्रथम व डौंडी द्वितीय

सितंबर में राष्ट्रीय पोषण आहर माह के दौरान हेमचंद विश्वविधालय की ओर सें महाविधालयों के लिए आयोजित पोषण आहार स्पर्धा में गुरुर काँलेज ने बाजी मारी। काँलेज ने अपने प्रोजेक्ट…

साइंस काँलेज के छात्रों ने राज्योत्सव में किया नृत्य

साइंस काँलेज दुर्ग की एनएसएस इकाई के छात्रो ने छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में पंथी नृत्य की प्रस्तुति दी लयात्मक गतिशीलता के साथ कर्णप्रिय गीतों के साथ विधार्थियों ने शानदार प्रस्तुति दी…

माचिस खरीदने गई कक्षा 4 की छात्रा सें युवक ने की गलत हरकत भेजा जेल

मोहन नगर पुलिस नें गुरुवार को नाबालिग सें गलत हरकत करनें वाले आरोपी सन्नी यादव निवासी कैलाश नगर को गिरफ्तार किया उसे कोर्ट में पेश किया गया जहां सें उसे…

बहू को खुदकुशी के लिए मजबूर करने वाले गिरफ्तार:बाइक के लिए पति, सास-ससुर करते थे प्रताड़ित, पांच लोगों को जेल

जिला दुर्ग पुलिस ने दहेज के लिए अपनी बहू को गाली गलोज  कर खुदकुशी के लिए मजबूर करने वाले पांच लोग को गिरफ्तार किया गया है। इनकी अत्याचार  से तंग…

एक और शिष्या से दुष्कर्म के मामले में आसाराम को उम्रकैद 2013 में सूरत में दर्ज हुआ था केस

दुष्कर्म के मामले में उम्र कैद काट रहे आसाराम को गांधीनगर की अदालत ने शिष्या से दुष्कर्म के मामले में फिर उम्रकैद सुनाई हैं। सोमवार को सत्र अदालत के जज…

इतवारी बाजार मोड़ अंडा में सड़क हादसा दो के मौत

अंड़ा थाना अंतर्गत इतवारी बाजार मोड़ के पास ट्रक और मोटर साइकिल की टकर में मोटर साइकिल सवार दो लोगो की मौत हो गई मृतकों में सिरसिा गुंडरदेही निवासी केवल…

चीन फूड़ ब्लाँगर ने वाइट शार्क खाई अब 15 लाख का जुर्माना चुकाना होगा

चीन की एक फूड ब्लाँगर को वाइट शार्क खाना महंगा पड़ गया। नानचोंग शहर के अधिकारियों नें बताया कि ब्लाँगर तिजी ने अवैध रुप से 6 की शार्क को खरीदा…

देश में आईएस की जडें जमा रहा था आतंकी मोहसिनः चार्जशीट

दिल्ली में आंतकी संगठन इस्लामिक स्टेट के माँड्यूल के आंतकी मोहम्मद मोहसिन अहमद के खिलाफ एनआईए ने पटियाला हाउस कोर्ट में चार्जशीट दायर की है। अपनी चार्जशीट में बताया कि…

केंद्र सरकार ने पूरक हलफनामा दायर करने की अनुमति मांगी

चीफ जस्टिस नें केंद्र  सरकार को कहा कि वह फरवरी के अंत तक अपना पूरक हलफनामा दायर करे। यह उन्हें दी जाने वाली अंतिम मोहलत है। वे मार्च के तीसरे…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया