Wed. Jun 24th, 2026

Author: Roshan Lal Sahu

नागालैंड चुनाव अधिसूचना जारी पहले दिन कोई नामांकन नही

कोहिमा चुनाव आयोग ने मंगलवार को नागालैंड और मेघालय में 27 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अधिसूचना जारी की है। नागालैंड में 14 वी विधानसभा के लिए…

भर्ती परीक्षाओं में नकल पर उम्रकैद 10 करोड जुर्माना

प्रतियोगिता परीक्षाओं में भर्ती नकल पर अंकुश के लिए उत्तराखंड में देश के सबसे बडे कानून को मंजूरी प्रदान की गई है। उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक पर…

2 दिनों में उतारे 600 पोस्टर गंदगी रहने पर होगा एक्शन

शहर की सफाई व्यवस्था और कब्जे को लेकर आयुक्त लोकेश चंद्राकर ने निरीक्षण किया इस दौरान तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करनें के निर्देश उन्होंने दिए। इसके बाद निगम की टीम ने…

इंटर काँलेज जोन स्तरीय बाँस्केट बाँल में रुंगटा की टीम प्रथम

छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविधालय के इंटर काँलेज जोन क्रम 1 खेल प्रतियोगिता के बास्केटबाँल में रुंगटा काँलेज प्रथम रहा। महिला वर्ग के पहला मैच में एसएसटीसी ने आरएसआर आर…

गरीबी का उन्मूलन करने वाला पर्व शिवरात्रि

शिवरात्रि का पावन पर्व अथवा सर्व महान उत्सव पुनः आ गया है। यह त्योहार आज की हमारी सर्वाधिक गम्भीर समस्या का हल भी हमें सुझाता है। कोई प्रश्न पूछ सकता…

फिनायल पीकर खुदकुशी का प्रयास:महिला थाने में पीड़िता ने आत्महत्या की कोशिश की

पति के साथ थाने में सूचना देने गई महिला वंदना देवांगन ने थाने के बाथरूम में खुद को बंद करके फिनायल पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की है । जब…

BJP का चक्काजाम, समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाया मरीज:युवक ने थाने में की शिकायत, 20 से ज्यादा नेताओं के खिलाफ FIR

नक्सलियों द्वारा भाजपा के 4 नेताओं की हत्या करने के विरोध में भाजपा ने छत्तीसगढ़ में 400 से अधिक जगहों में चक्काजाम किया था। इसी कड़ी में दुर्ग जिले में…

दक्षिण अफ्रीकाः विरोध भी नृत्य करके जाते हैं।

दुनियाभर में नृत्य पे्रम खुशी उम्मीद की अभिव्यक्ति के रुप में किया जाता है। दुनिया में लोग नृत्य करते हैं। लेकिन दक्षिण अफ्रीका में यह खुशी सें एक कदम आगे…

हाई कोर्ट ने पीएससी 2022 के परीक्षा परिणामों पर लगाई रोक

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग पीएससी द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2022 के परिणाम पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दिया है। 2021 के भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुए अथ्यर्थी प्रशांत…

ट्रेन से कटकर दोनों ने की थी खुदकुशी, तीन दिन बाद हुई शव की पहचान

भिलाई की रहने वाली दो किशोरियों ने वैलेंटाइन डे की रात ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी कर लिया । दोनो का शव इतना क्षत विक्षत हो गया था कि उनकी…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया