Wed. Jun 24th, 2026

Author: Roshan Lal Sahu

देवेंद्र यादव 19 फरवरी को देररात तक विधानसभा क्षेत्र में अपने जन्मदिन के मौके पर विभिन्न कार्यक्रम में शामिल हुए।

सुबह करीब 6 बजे के आसपास प्रवर्तन निदेशालय ईडी के टीम सेक्टर 5 उनके निवास पर घेरा किया इसके अलावा उनके बडे भाई धर्मेद्र यादव के घर पर भी ईडी…

परीक्षा मार्गदर्शन कार्यक्रम कल सें

ग्राम अंडा शिक्षक कला व साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में 10 वी के बोर्ड परीक्षा शुरु होने वाला है। परीक्षा पूर्व वार्षिक परीक्षा में अपना बेस्ट कैसा दिया जाये…

आपस में विवाद के चलते माँ के सामने बेटे के किया हत्या

आपसी विवाद के चलते बीती रात तीन सुवको ने चाकू से दोनो भाईयों पर हमला कर दिया है। घटना में एक भाई के मौके पर मौत हो गया वही दूरा…

सौधर्म इंद्र इंद्राणियों नें आदि कुमार को गोद में उठाकर किया नृत्य गान

पाश्र्वनाथधाम रिसाली में पंचकल्याणक महोत्सव के दूसरे दिन सुबह 1008 पाश्र्वनाथ भगवान का मंगल अभिषेक के साथ भक्तों ने आचार्य विशुद्ध सागर महाराज की अमृत वचनों से शांतिधारा किया। इस…

वार्षिकोत्सव पर 700 छात्रों ने दी 26 प्रस्तुतियां होनहार सम्मानित किया गया है।

कृष्णा पब्लिक स्कूल नेहरु नगर का दो वर्ष वार्षिकोत्सव इंद्रधनुष रंगारंग प्रस्तुतियां के साथ शुरु हुआ। मुख्य अतिथि मेयर नीरज पाल थे। शुरुआत में छात्रो नें उन्हें गार्ड आँफ आँनर…

बुद्धि जब तक शुद्ध नहीं होगी व्यक्ति सही निर्णय नहीं ले सकताः मंदाकिनी

भिलाई। रामकिंकर शिष्य समिति द्वारा सामुदायिक भवन चरोदा में श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार को दूसरा दिन कथावाचे दीदी मंदाकिनी रामकिंकर नें श्रद्धा और विश्वास पर…

नगपुरा में प्रशांतमूर्ति ऋषभ सागर का मंगल प्रवेश लोगस्स आराधना हुई शुरु

उवसग्गहर पाश्र्व तीर्थ नगपुरा में शुक्रवार को आध्यात्मयोगी महेंद्र सागर मसाके शिष्य प्रशांतमूर्ति संतमनीषी ऋषभ सागर मसा और मुनि ऋजुप्रभ सागर मसा का पदार्पण हुआ मुनि भगवंत के नगपुरा आगमन…

ओड़िशा में देशी शराब पीकर घंटों तक सोते रहे हाथी वनकर्मियों ने ड्रम बजाकर जगाया

ओड़िशा के क्योंझर जिला में शिलिपाडा काज के जंगल में 24 हाथियों ने महुआ के शराब पी ली इसके बाद वे घंटों तक सोते रहे वास्तव में ग्रामीणों ने जंगल…

जम्मू कश्मीर के 57 स्कूल व सड़के शहीदों के नाम पर

श्रीनगर जम्मू कश्मीर में अब 57 इमारतों और  सड़कों के नाम शहीदों के नामो सें जाने जाएंगे जम्मू कश्मीर प्रशासन की ओर से कहा गया है। कि जिनके नाम पर…

11 फरवरी को जिले मे साल की पहली नेशनल लोक अदालत 35 खंडपीठ बने

दुर्ग। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देश पर जिले में 11 फरवरी को नेशनल लोक अदालत आयोजित किया था राजीनामा योग्य प्रकारणो में पक्षकारों की भौतिक तथा वर्चुअल…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया