Sat. Apr 13th, 2024

भिलाई। रामकिंकर शिष्य समिति द्वारा सामुदायिक भवन चरोदा में श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार को दूसरा दिन कथावाचे दीदी मंदाकिनी रामकिंकर नें श्रद्धा और विश्वास पर चर्चा किया उन्होंने कहा कि श्रद्धा बुद्धि से उत्पन्न होती है। और

विश्वास ह्रदय से उत्पन्न होती है। श्रद्धा पार्वती और विश्वास भगवान शिव है। मंदाकिनी दीदी ने कहा कि जन्म लेने के बाद मन और बुद्धि प्रत्येक मनुष्य को मिलती है। लेकिन जब तक बुद्धि की शुद्ध नहीं होगी तो व्यक्ति जीवन में सही निर्णय नहीं ले पाएगा। रावण के पास 10 सिर के करण बुद्धि ज्यादा थी लेकिन उसने भी बुद्धि का सदुपयोग नही किया और सीता को हर लिया।

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