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Month: April 2023

स्टार्टअप जोन चनपटिया का नवागत डीएम विनय कुमार राय ने किया अवलोकन 

बेतिया। पश्चिम चम्पारण जिला पदाधिकारी दिनेश कुमार राय ने चनपटिया स्टार्टअप जोन का अवलोकन किया। उप विकास आयुक्त अनील कुमार ने चनपटिया स्टार्टअप जोन की विकास प्रक्रिया की जानकारी विस्तारपूर्वक…

इलेक्ट्रिक बोर्ड में खराबी, अचानक धट जाती है। पावर सप्लाई, इसलिए नही भर पा रही टंकी

शिवनाथ नही के तट स्थित भिलाई निगम के इंटकवेल में तकनीकी खामियां सामने आई है। इलेक्ट्राँनिक बोर्ड अचानक से बंद पड जा रहा है। कंट्रोल पैनल से सही तरीके सें…

25 जिसे आवश्यकता महिलाओं को बांस शिल्प की दे रहे ट्रेनिंग

सेल BSP के CSR द्वारा छत्तीसगढ़ दस्तकारी विकास कर्मक  के सहयोग से नारी सशक्तिकरण के तहत कौशल विकास योजना में महिलाओं को नियमित रूप  दिया जा रहा है। इसका अवलोकन…

सुभाष नगर में करीब आठ लाख की लागत सें बनाया जाएगा डोम शेड़ और प्रवेश द्वार

भिलाई- नगर निगम भिलाई के वार्ड 39 में सुभाष नगर में डोम शेड और प्रवेश द्वार का निर्माण किया जाएगा लगभग आठ लाख की लागत सें वार्ड के युवा मंच…

दहेज के लिए महिला को मार पिट किया पति के साथ अन्य पर अपराध दर्ज

भिलाई दहेल के लिए मार पिट के एक मामले में महिला पुलिस नें दुर्गा सिंह की शिकायत पर उसके अपराध दर्ज किया गया है। आरोपियों के विरोध धारा 498 और…

अमृत मिशन के अधिकारियों की बुधवार को बैठक हुई

निगम के जल कार्य विभाग और अमृत मिशन हर घर में पानी की सुनिश्चित भरना। के अधिकारियों की बुधवार को बैठक हुई। लगभग  घंटे भर से अधिक चली बैठक में…

भितिहरवा पश्चिम थीम पार्क निर्माण में अनियमितता पर बिफरे सांसद सुनील कुमार 

भितिहरवा पश्चिम थीम पार्क निर्माण में अनियमितता पर बिफरे सांसद सुनील कुमार भितिहरवा: पश्चिम चम्पारण जिला अंतर्गत महात्मा गांधी के ऐतिहासिक भितिहरवा आश्रम में वाल्मीकिनगर सांसद सुनील कुमार ने भ्रमण…

जिला व्यापार मंडल के चुनाव परिणाम घोषित संतोष कुमार अध्यक्ष और संजीव उपाध्यक्ष निर्वाचित 

जिला व्यापार मंडल का चुनाव परिणाम घोषित संतोष कुमार अध्यक्ष 154, भगवती प्रसाद 76 वोट प्राप्त कर सके बेतिया : जिला व्यापार मंडल के चुनाव का परिणाम घोषित हो गया।…

2 महीना पहले बनी सीमेंट की सड़क उखड़ रही शिकायत

न्ंदिनी से जामुल तक सड़क  निर्माण का कार्य चल रहा है सड़क का काम अभी पूरा नही हुआ है। और अभी से इसमें बडी असावधानी  सामने आई है। स्थिति ऐसी…

बिरनपुर की हिंसक घटना का विरोध पूरे राज्य में हो रहा है

सोमवार को छत्तीसगढ़ बंद होने के बाद भी  मंगलवार को भाजपा नेताओं ने कांग्रेस सरकार के विरोध जमकर नारेबाजी किया गया । उन्होंने शहर के प्रमुख  चौराहों पर मुख्यमंत्री और…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया