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Month: April 2023

व्यवसाई से 1 करोड़ की रंगदारी मांगी, मामला में बेतिया पुलिस को मिली उपलब्धि दो गिरफ्तार

नरकटियागंज में व्यवसाई से 1 करोड़ की रंगदारी मांगने के बाद, भयाक्रांत हैं आम व खास  APNI BAT बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला के बेतिया पुलिस अंतर्गत शिकारपुर थाना क्षेत्र…

एनएपीएम ने नदी, जल, जंगल, जमीन, विस्थापन, विकास, रोजगार के सवाल पर राष्ट्रीय सम्मेलन सम्पन्न 

  सभ्यता-संस्कृति से जुड़ी जल, जंगल, जमीन, नदी, पहाड़ का संरक्षण करने के लिए मैदानी व कानूनी संघर्ष तेज करने की आवश्यकता : मेधा पाटकर फासीवादी शक्ति, सृष्टि मानव जीव…

स्टडी जोन कोचिंग सेंटर मिश्रौली के विद्यार्थियों का दसवीं की परीक्षा में दिखा जलवा

स्टडी जोन कोचिंग सेंटर मिश्रौली के विद्यार्थियों का दसवीं की परीक्षा में दिखा जलवा योगापट्टी प्रखंड क्षेत्र के मिश्रौली चौक पर स्थित स्टडी जोन कोचिंग सेंटर के छात्रों ने दसवीं…

बीएसपी  के मज़दूर ने मंदिर के बाहर भक्तों सेवक को पीटा:डोम शेड निर्माण रोकने पहुंची टीम ने महिलाओं से की मारपीट; थाने में की शिकायत

छत्तीसगढ़ के भिलाई में सेक्टर 9 स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में शनिवार सुबह बीएसपी के कर्मचारियों और भक्तों के बीच जमकर मारपीट हुई। बीएसपी की टीम वहां बन रहे डोम…

बानी सोनी बनाई गई बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं मुहिम की संयोजिका

बीजेपी के बेटी बचाओं आक्र पढ़ाओ अभियान की जिला संयोजक बानी सोनी को बनाया गया है। वे पूर्व महिला मोर्च की अध्यक्ष भी रह चुकी है। बुधवार को नियुक्ति के…

राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता अंत किए जाने के बाधा डालना

नगर के प्रमुख रास्ता से होते हुए गुजरी। रैली में विधायक अरुण वोरा, महापौर धीरज बाकलीवाल सहित आदि  लोग  शामिल हुए। इधर भिलाई में गदा चौक से सुपेला घड़ी चौक…

भिलाई निगम में पेश हुआ 760 करोड़ का बजट:आईआईटी के साथ लिडार सर्वे को लेकर अनुबंध करने वाला बना पहला निगम भिलाई5 घंटे पहले

नगर निगम भिलाई का  महापौर नीरज पाल ने बृहस्पतिवार  को 760 करोड़ का बजट प्रस्ताव किया। इस बजट में जहां हर श्रेणी, के लोगों का ध्यान रखा गया। शहर के…

गदियानी में खसरा का प्रकोप, विशेष टीकाकरण अभियान प्रारम्भ

विशेष टीकाकरण अभियान शुक्रवार को सम्पन्न हुआ। जिसकी मॉनिटरिंग एसएमओ बेतिया ने किया। इस दौरान विश्व स्वास्थ संगठन के प्रतिनिधि गौसुल आज़म, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रशांत कुमार, डॉ सूरज…

ओझवलिया की भावना ने क्षेत्र को गौरवान्वित किया

पश्चिम चम्पारण जिला के बेतिया पुलिस योगापट्टी थाना (प्रखंड) क्षेत्र के दोनवार पंचायत के ओझवलिया गांव निवासी राकेश झा की पुत्री भावना कुमारी ने 10 वीं बोर्ड की परीक्षा में…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया