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Month: April 2023

बीच बस्ती मे लगभग 3 मकानों में लगी हैं आग बुझाने मे लगा है। ग्रामीण

ग्राम लवाकेरा में सोमवार को शाम लगभग 7 बजे के बीच में 3 मकान में आग लग गया। देर रात शाम ग्रामीण के लोग आग बुझाने में लगे थे आग…

जीवन को सहयोग की दृष्टि से देखना शुरु करें असली खजाना है

हमारे जीवन के प्रति 2 दृष्टिकोण हो सकता है। 1 संघर्ष का और 2 सहयोग का। हम लोग मान कर चलते है। कि जीवन में अगर कुछ पाना है। तो…

बेतिया पुलिस को सफलता नरकटियागंज रंगदारी प्रकरण में 4 गिरफ्तार 

शिकारपुर थाना अध्यक्ष और नरकटियागंज एसडीपीओ की प्रशंसा , कार्यशैली में बदलाव की अपेक्षा  बेतिया: पश्चिम चम्पारण जिला के बेतिया पुलिस के शिकारपुर थानान्तर्गत रंगदारी के मामले में संलिप्त युवकों…

दुर्ग भिलाई में खुलेगा गारमेंट फैक्ट्री अब बेरोजगारों को मिलेगा रोजगार

भिलाईः- जिले के युवा परिश्रमी; मेहनती को रोजगार प्रदान करने रुरल इंडस्ट्रियल सार्वजनिक उद्यान। के तहत दुर्ग भिलाई में उधोग स्थापित करने की तैयारी शुरु कर दी गई है। ग्रामीण…

बाजारों की दुकानों का भी होगा नियमितीेरण

शहर के सभी प्रमुख बाजारों की दुकानों में हर अतिरिक्त निर्माण का भी नियमितीेरण किया जाएगा। इसे लेकर भिलाई निगम के अधिकारियों ने बैंठक बुलाकर जानकारी दी बैंठक में उपायुक्त…

घर से चोरी कर बच्चे को तालाब में फेंका था; आरोपी की तलाश जारी

छत्तीसगढ़ में दुर्ग जिले के नगपुरा गांव में 6 माह के बच्चे का पहले अपहरण किया गया, उसके बाद उसे जिंदा तालाब में फेंक दिया गया। पानी में डूबने से…

छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों का चयन हुआ।

भिलाई -ः छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस प्रकोष्ठ नगर निगम भिलाई प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों का मनोनयन किया गया हैं। सभी पदाधिकारियों का कार्यकाल 3 साल के लिए होगा। अध्यक्ष अरुण सिंह महासचिव…

अग्निशमन दिवस के लिए अभ्यास के रूप में दो कर्मी घायल

भिलाईः- 14 अप्रैल को अग्निशमन दिवस इस दिन बीएसपी अग्निशमन दल के कर्मी अपने शौर्य का प्रदर्शन करेंगें। इसके लिए अभ्यास के रूप में किया जा रहा है। इस दौरान…

अत्याचार के विरोध में हड़ताल पर बैठे सचिव. पंचायतों का काम ठप आज भी जारी रहेगा प्रदर्शन

दुर्ग जिला मे सभी ग्राम पंचायतो में काम ठप पड़ गया हैं ग्राम पंचायत के सचिव काम बद कलम बंद कर जिला पंचायत गेट के पास हडताल पर बैठ गए…

मोतियों की माला के नाम पर पांच हजार महिलाओं से की दो करोड़ की ठगी, दोनों आरोपित बिहार और यूपी से गिरफ्तार

भिलाई  अत्यंत क़ीमती रत्न  की माला गुंथवाये कर रोजगार देने नाम पर लगभग 5000 हजार से अधिक महिलाओं से करीब 2  करोड़ रुपये की धोखा देकर माल लूटने का काम…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया