Tue. Jun 23rd, 2026

Month: April 2023

हनुमान जयंती पर हनुमान जन्मदिन हनुमान जयंती शुभकामनाएं, रोशन लाल

पवनपुत्र हनुमान कहें या मारुति नंदन, संकटमोचन हनुमान जी  हर किसी परिस्थिति में अपने भक्तों के संकट हर लेता  हैं। 6 अप्रैल को हनुमान जन्मदिन मनाया जाएगा। हनुमान जन्मोत्सव चैत्र…

पूर्व विधायक नीरज कुमार के निधन पर राजद कार्यालय में शोक सभा

राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश कार्यालय में राजद के पूर्व विधायक नीरज कुमार यादव के असामयिक निधन पर प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह की अध्यक्षता में शोक सभा किया गया।…

बोर खनन पर 30 जून तक रोक बहुत जरुरी होने पर ही मिलेगी अनुमति

दुर्ग जिला में 30 जून तक जल अभाव क्षेत्र घोषित किया गया हैं इसे देखते हुए बोर खनन पर 30 जून तक रोक लगा दी गई है। बहुत जरुरी होने…

भाजपा जिला के विभिन्न मोर्चा अध्यक्ष की घोषणा सम्पन्न

बेतिया : भारतीय जनता पार्टी सांगठनिक जिला बेतिया के विभिन्न मोर्चा के जिला अध्यक्षों का मनोनयन बेतिया भाजपा जिला अध्यक्ष ने किया। जिला मुख्यालय के मेहंदियाबारी स्थित पार्टी कार्यालय में…

बेतिया पुलिस को मिली सफलता, नरकटियागंज के रंगदारी प्रकरण में 4 गिरफ्तार 

शिकारपुर थाना अध्यक्ष और नरकटियागंज एसडीपीओ की प्रशंसा बेतिया: पश्चिम चम्पारण जिला के बेतिया पुलिस के शिकारपुर थानान्तर्गत रंगदारी के मामले में संलिप्त युवकों को हथियार एवं गांजा के साथ…

चिकित्सा के अभाव में मौत के मुंह समा गई श्वेता

  बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला अंतर्गत रामनगर मिल कालोनी, हरिनगर के रहने वाले नंद किशोर महतो की पुत्री श्वेता कुमारी, 22 वर्ष की मृत्यु चिकित्सा के अभाव में होने…

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भाजपा से एक बार फिर जवाब मांगा,

अदाणी को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच इस वक्त वार प्रतिशोध चल रहा है। संसद के निष्पादन सत्र का 2  चरण लगातार सीमित है। अस्तित्व,  पक्ष भाजपा की पेशानी…

विद्यार्थी ने खुदकुशी कर ली है। दुर्ग जिले में स्थित विज्ञान विकास केंद्र में रह रही थी

दुर्ग जिला में स्थित विज्ञान विकास केंद्र में रह रही बीएससी सेकंड ईयर की विद्यार्थी ने खुदकुशी कर ली है। इस मामले में पुलिस और हॉस्टल अधीक्षक का कहना है…

जीवन में सबसे पहला परिवार बच्चे का स्कूल होता हैं

बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं इसलिए हमें सबसे पहले उन्हें अच्छे नैतिकता और बेहतर तरीके से शिक्षा ग्रहण करने पर जोर देना चाहिए ताकि वे आगे भविष्य में कुछ…

छात्रों ने खगोलीय घटनाओं के जरिए जीवन की उत्पत्ति को जाना

छत्तीसगढ़ भिलाई कल्याण काँलेज रसायन शास्त्र विभाग के केमिकल सोसाइटी ने एमएससी के विघार्थियों को तीन दिवस शैक्षणिक भ्रमण के लिए रीजनल साइंस सेंटर भुवनेश्वर का दौरा कराया। जहां विधार्थियों…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया