Tue. Jun 23rd, 2026

Month: April 2023

कुर्मी समाज ने किया आल्या और अर्पिता का सम्मान

छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज का 77 वां केन्द्रीय महाअधिवेशन पाटन में हुआ। आयोजन के दुसरा दिन मुख्य अतिथि भूपेश बघेल थे अध्यक्षता केन्द्रीय अध्यक्ष चोवाराम वर्मा ने की कार्यक्रम…

जाति आधारित गणना की सफलता को नगर परिषद नरकटियागंज में प्रशिक्षण सम्पन्न 

नरकटियागंज: पश्चिम चम्पारण जिला के नगर परिषद नरकटियागंज कार्यालय सभागार में जाति आधारित गणना की सफलता को लेकर, मास्टर ट्रेनरों ने प्रयवेक्षको व प्रगणकों को प्रशिक्षण दिया। जिसका शुभारंभ नगर…

जिला पंचायत दुर्ग की अध्यक्ष शालिनी रिवेंद्र यादव की तबीयत खराब होने से मौत हो गई।

दुर्ग  जिला पंचायत  की अध्यक्ष शालिनी रिवेंद्र यादव की तबीयत खराब होने से उसकी  मौत हो गई। मंगलवार को अचानक से  उनकी तबीयत अधिक खराब हो गई थी। इसके बाद…

प्रगतिनगर रिसाली में दंत शिविर का हुआ आयोजन

भिलाई वल्र्ड ओरल हेल्थ डे के उपलक्ष में इंडियन डेंटल एसोसिएशन दुर्ग भिलाई एवं संयुक्त महिला समिति प्रगतिनगर रिसाली द्वारा निः शुल्क दंत जाच शिविर का आयोजन किया गया। ड़ाँ…

शंकराचार्य हास्पिटल की नर्स ने लगाई फांसी,

शंकराचार्य हास्पिट  के आइसीयू में कार्यरत लगभग  23 साल की नर्स  ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका नर्स ने हास्पिटल से लगे हास्टल के रूम में फांसी लगाई है।…

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय अफाक अहमद विधान पार्षद निर्वाचित

  भाजपा व राजद समर्थित प्रत्याशियों को पीके समर्थक निर्दलीय ने चारो खाने चित्त किया बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला मुख्यालय बेतिया के नेशनल पब्लिक हाई स्कूल के व्यवस्थापाक अफाक…

बिजली की झोंका में आने से बच्ची की मौत

भिलाई तीन विश्व बैंक काँलोनी में 16 साल की बालिका बच्ची की मौत हो गई। घर के सामने ही बिजली लोहे पोल के स्टेवायर में करेंट था। बालिका उसकी झोंकामें…

लुचकीपारा तमेरपारा में गंदा पानी सप्लाई कीडे निकल रहे अब तक दुर्ग नगर निगम के अधिकारियो ने इसे गंभीरता से नहीं लिया

शहर के लुचकीपारा तमेरपारा क्षेत्र में गंदे पानी की आपूर्ति का मामला प्रकाश में आया है। इसे लेकर निगम के जलकार्य विभाग में शिकायत भी की गई है। शिकायतकर्ता ने…

कार्रवाईः सुंदर नगर में अवैध निर्माण को निगम ने तोड़ा अर्थदंड भी लगाया

भिलाईः- बिना बनुमति के सुंदर नगर में अवैध निर्माण के मामले में कार्रवाई की गई। सूचना मिलने पर निगम ने पूरे निर्माण को तोड दिया। निगम अधिकारियों का कहना था…

आईआईटी भिलाई मेंमटेरियल साइंस एंड़ मेटलर्जिकल और इलेक्ट्राॅनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी प्रारम्भ

आईआईटी भिलाई में पहली बार ऐसे होगा जब आईआईटी के विधार्थी सम्पूर्ण भारतीय आयु का विज्ञान संस्थन ( एम्स) रायपुर में पढ़ाई करेंगे  पुराना उत्कृष्ट एम्स के विषय विशेषज्ञ डाँक्टर…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया