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Month: April 2023

कलाकारों साहित्यकारों ने जनगीत नाटक और काव्य पाठ प्रस्तुत किए

कला एवं साहित्य का मित्र समूह के तत्वावधान में दुर्ग भिलाई और रायपुर के कलाकारो साहित्यकारो व रंग संस्थाओ द्वारा 23 मार्च से 3 अप्रैल के बीच 10 दिनो में…

महासभा की कार्यकारिणी भंग 24 अप्रैल 23 को चुनाव

केंद्रीय गोड़ महासभ धमधागढ़ द्वारा त्रिमुर्ति महामाया व बंढ़ादेव मंदिर किला परिसर धमधा में आयोजित दों दिवसीय अधिवेशन का समापन गुरुवार को हुगा। इसमें प्रदेशभर से गोड़ समाज के प्रतिनिधि…

तालाब में उपलाया एक पहरेदार का शव मिला

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला  में एक पहरेदार  का  तालाब में लाश मिला  है। लाश लगभग दो दिन पुराना है। उसके पास मिला  आईकार्ड  से उसका  पहचान अक्षय कुमार नागरे के…

शंभू नाथ तिवारी स्मृति फुटबॉल प्रतियोगिता के फाइनल में बीरगंज नेपाल ने नरकटियागंज (बिहार) को 4 गोल से पराजित किया 

शंभू नाथ तिवारी स्मृति फुटबॉल प्रतियोगिता के फाइनलमें बेतिया: शंभू नाथ तिवारी स्मृति फुटबॉल प्रतियोगिता का फाइनल मैच टाउन क्लब नरकटियागंज और बीरगंज नेपाल के बीच खेला गया। मुख्य अतिथि…

सभी मिलकर विकास कार्य को गति प्रदान करें, विकास पहली प्राथमिकता : दिनेश कुमार राय

पश्चिम चम्पारण जिला के नवागत जिला पदाधिकारी दिनेश कुमार राय ने मंगलवार को कार्यभार संभाला बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला के नवागत जिला पदाधिकारी दिनेश कुमार राय ने मंगलवार को…

ऋषकेश सम्मेलन में सुनील मध्यानी को बेस्ट सर्विस पार्टनर अवार्ड दिया गया

भिलाई छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ़  काॅमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सदस्य सुनील मध्यानी को चार पहिया वाहन कंपनी की ओर से बीते दिनों बेस्ट सर्विस पार्टनर अवार्ड सें सम्मानित किया गया है।…

कैंप 2 में माँ कर्मा जयंती महोत्सव

भिलाई क्षेत्रीय साहू समाज मित्र सभा जेपी नगर कैंप 2 के तत्वावध में भक्त माँ कर्मा जयंती महोत्सव का आयोजन किया है। मुख्य अतिथि विधायक देवेंद्र यादव अति विशिष्टि अतिथि…

जो संत केवल जीवन कल्याण का कार्य करते हैं उन्हें ही गुरु बनाए गोपीकेश्वरी

दुर्गः- मिनी शीतला स्टेडियम शिक्षा नगर में चल रहे आध्यात्मिक प्रवचन में सातवे दिन प्रवचनकर्ता गोपीकेश्वरी देवी ने कहा कि भगवान को जानने के लिए एक गुरु का होना बहुत…

हनुमानजी की प्रतिमा का नदी में विसर्जन, सुंदरकांड का पाठ किया

सेक्टर 9 अस्पताल के सामने हनुमंत वानर संबंधी सेवा समिति ने भगवान हनुमान का जन्मोत्सव धार्मिक सद्भाव के साथ मनाया। इस अवसर पर हिरवानी म्युजिकल ग्रुप ने भजन प्रस्तुत किए…

महिला समिति ने रास्ता चलने वाले को ठंड़ा पानी पिलाने 8 वर्ष शुरु किया प्याऊ

भिलाई -ः ओजस महिला समिति द्वारा लगातार 8 साल से गर्मी के समय रास्ता चलने वाले को राहत देने के लिए प्याऊ की शुरुआत की गई। उन्हें घडे का शीतल…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया