Tue. Jun 23rd, 2026

Month: April 2023

चालक पर केस:नदी रोड के पास ऑटो पलटा, दबने से एक व्यक्ति की मौत

थाना  कोतवाली  के अंतर्गत शिवनाथ नदी रोड स्थित अमर गैरेज के पास रविवार को  शाम के समय  लगभग 5 बजे  भारी तेज रफ्तार ऑटो पलट गया। हादसे में ऑटो में…

धमधा में 18 मीटर और दुर्ग में 16 मीटर भूजल स्तर गिरा

पीएचई विभाग के अधिकारियों नें बताया कि वे हर 15 दिन में ब्लाँक वार भूजल स्तर का रिपोर्ट तैयार करते है। हर ब्लाँक के कुछ चुनिंदा गांव है व स्थान…

बुरा काम,के आरोपी की हिरासत में बल्ब खाने की कोशिश, मुंह, जीभ में चोट आई

थाना सुपेला के भीतरी स्मृति नगर पुलिस चौकी में रविवार को एक बुरा काम  के आरोपी यश ने बल्ब को ही मुंह में डालने का प्रयास किया गया है ।…

आर्य समाज का तीन दिवसीय गायत्री महायज्ञ रविवारीय यज्ञ के साथ सम्पन्न 

  पत्नी व पति का साहचर्य से गृहस्थी बनता स्वर्ग सदृश्य : प्रवाचक  बेतिया : महर्षि दयानंद सरस्वती की 200 वीं जयंती वर्ष में 14 अप्रैल 2023 शुक्रवार को दलित…

ग्राम सेवती में अतिक्रमण की शिकायत प्रशासन से कार्रवाई की मांग

धमधाः-ग्राम सेवती में बीते एक साल से ग्राम पंचायत के भूमि पर बिना सोचे-समझे कब्जा किए जाने की शिकायत है। यहां के ग्रामीणो ने राजस्व विभाग से तुरत कार्यवाही कर…

110 गांव में 275 नल कूप लगाए जाएंगे जलसंकट से राहत मिलेगी

गर्मी के सीजन अभी शुरु हुआ है। अभी से दुर्ग जिला में 110 गांवों में जल संकट जैसी स्थिति निर्मित होने लगी है। इन गांवो में रहने वाले 1 लाख…

आकाश नगर में रास्ता रोककर पैसे मांगे नही दिया तो मारपीट हुआ

मोहन नगर थाना के अंतर्गत आकाश नगर मुकेश चीरा और मंदीप सूरी नामक 2 आदमी ने रोड़ में रोकर एक आदमी से मारपीट की। इस घटना के समय पीडित जयंती…

2 बार के पार्षद रामखिलावन चरोदा नगर निगम के नेता प्रतिवादी बने

चरोदा नगर निगम भिलाई 3 में मुख्य चुनाव के लगभग  साल भर बाद भाजपा पार्षद टोली या  दल ने बिजली नगर वार्ड के पार्षद रामखिलावन वर्मा को अपना नेता चुन…

कोरोना के बढ़ते केस के चलते सेक्टर 9 हॉस्पिटल में तैयारियों की हुई परीक्षण

भिलाई इस्पात संयंत्र का पं. जवाहरलाल नेहरू अस्पताल एवं  मूलभूत  अनुसाधन  सेक्टर 9 अस्पताल अब मात्र  रेफरल सुविधाएं  केंद्र बन गया है। इस अस्पताल में डॉक्टर और संसाधनों की कमी…

कुमारबाग क्लस्टर के क्रियान्वयन से नई पीढ़ी को रोजगारोन्मुख उज्ज्वल भविष्य मिलेगा: दिनेश कुमार राय 

निर्माणाधीन टेक्सटाईल एंड लेदर कलस्टर का नवागत जिला पदाधिकारी ने किया अवलोकन  बेतिया। पश्चिम चम्पारण जिला के नवागत जिला पदाधिकारी, दिनेश कुमार राय ने औधोगिक क्षेत्र, कुमारबाग में 02 लाख…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया