Tue. Jun 23rd, 2026

Month: November 2022

जाड़ा का मौसम प्रारंभ, पशु चोरी की बढ़ी घटनाएं, कालीबाग थाना में पशु चोरी की प्राथमिकी दर्ज

बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला मुख्यालय बेतिया अंतर्गत जाड़ा के मौसम ने दस्तक क्या दिया, पशु चोरी की घटनाएं होने लगी। उल्लेखनीय है कि बेतिया नगर में कई ऐसे जगह…

मद्य निषेध विभाग की कार्रवाई 1 महिला के साथ 96 गिरफ्तार

बेतिया: पश्चिम चम्पारण जिला मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग के अपर मुख्य सचिव बिहार पटना के के पाठक के निर्देशानुसार मनोज कुमार सिंह अधीक्षक मद्य निषेध पश्चिम चम्पारण बेतिया के…

प्रतिबंधित गर्भपात के क्रम में गर्भवती की मौत,स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता से अवैध नर्सिंग होम संचालक सातवें आसमान पर उड़ रहे

जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों के आगे शासन और प्रशासन बने लाचार, विभाग बना मूकदर्शक बेतिया: पश्चिम चंपारण जिला मुख्यालय बेतिया में प्रतिबंधित गर्भपात के क्रम में एक निजी नर्सिंग…

चंडीगढ़ के प्रदीप और हरियाणा के विनोद के बीच हुई रोमांचक कुश्ती

 नगर पंचायत बिस्कोहर के राजकीय डिग्री कालेज के सामने आयोजित अखिल भारतीय राष्ट्रीय विराट कुश्ती दंगल के अंतिम दिन सोमवार को चंडीगढ़ के प्रदीप और हरियाणा के विनोद के बीच…

पहला टी 20 मुकाबला आज जीते तो आयरलैंड के खिलाफ भारतीय टीम की लगातार 7 वी जीत होगी

आयरलैंड के खिलाफ भारतीय टीम अजय कं्रम को बरकरार रखने के बाद इरादे से रविवार को उतरेगा दोनो टीमों के बीच 2 टी 20 मैच की सीरीज खेला जाएगा डबलिंन…

1000 हजार परीक्षार्थियों ने दी भारतीय संस्कृत ज्ञान परीक्षा

 सोमवार को भारतीय संस्कृत ज्ञान की परीक्षा आयोजित की गई। देश भर मे होनहार बच्चों को भारतीय संस्कृत का ज्ञान विज्ञान एवं वैदिक मूल्यों का महत्व बताने एवं उनके उत्थन…

महिला पर खौलता तेल फेंका, 30% तक झुलसी:उधारी चुकाने की बात पर बदमाश ने की हैवानियत, चाय-नाश्ते का ठेला लगाती है पीड़ित

दुर्ग पथनपपूर चौकी ईलका में रहने वाली महिला दुकानदार ने एक गुंडे से उधार मांगा तो उसने उसके ऊपर गरम हुआ तेल डाल दिया। इस घटना में महिला बुरी तरह…

राज्यपाल फागू चौहान ने बाल दिवस पर राजभवन में बच्चों को पुरस्कृत किया

पटना: बिहार की राजधानी पटना स्थित राजभवन के दरबार हॉल में बिहार राज्य बाल कल्याण परिषद के तत्वाधान में बाल दिवस समारोह का आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर बिहार…

प्रशांत किशोर बोले- खुद नहीं लड़ूंगा चुनाव, पर जनता को ‘बेहतर विकल्प’ जरूर दूंगा

चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने खुद को चुनाव लड़ने का संभावना से शनिवार को इनकार किया, लेकिन अपने गृह राज्य बिहार के लिए एक ‘बेहतर विकल्प’ बनाने की अपनी प्रतिज्ञा…

थाना में राइफल से चला गोली दरबाजा से तोड़कर अंदर घुसा पुलिस तो पड़ाता था सहायक आऱक्षक का लाश

पुलिस ने बताया कि राजेद्र का साल 2013 मे शादी हुआ था और उसका बेटा भी है। एसा कहा जा रहा है। कि राजेद्र परिवार विवाद के वजह से परशान…

You missed

खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया