Tue. Jun 23rd, 2026

Month: November 2022

मालवे का विधानसभा सीटो पर कांग्रेस का फोकस, इंदौर के बजाए इसलिए उज्जैन मे खा आमसभा

राहुल गांधी का भारत जोड़ो यात्रा इस माह मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश करेगा । किस जिले में कितने दिन यात्रा रुकेगी, कहां आम सभा होगी। इसका खाका तैयार…

अगस्त के मुकाबला सितंबर रहा सस्ता घटे थोक महंगाई दर पर 2 अंकों से नीचे नहीं

ऑल इंडिया होलसेल प्राइस इंडेक्स पर आधारित थोक महंगाई की वार्षिक दर में सितंबर महीने में राहत दिखी है। भारत सरकार की ओर से जारी पर आधारित आंकड़ों के अनुसार सितंबर…

बिहार राज्य आशा संघ एटक की बैठक बेतिया में संपन्न 

बेतिया: बिहार राज्य आशा संघ एटक की बैठक बेतिया बलिराम भवन के सभागार में वेनू देवी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ, बैठक में एटक के राष्ट्रीय सम्मेलन जो केरला में…

बाइक दुर्घटना में चार घायल, उनमें एक की स्थिति गंभीर, सभी जीएमसीएच बेतिया रेफर

पश्चिम चम्पारण जिला अंतर्गत बेतिया पुलिस के शिकारपुर थाना क्षेत्र के पकड़ी ढाला (रेलवे) स्थित पेट्रोल पंप के पास एक अज्ञात चार पहिया वाहन ने बाइक को ठोकर मारकर फरार…

बिहार राज्य आशा संघ एटक की बैठक बेतिया में संपन्न 

बेतिया: बिहार राज्य आशा संघ एटक की बैठक बेतिया बलिराम भवन के सभागार में वेनू देवी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ, बैठक में एटक के राष्ट्रीय सम्मेलन जो केरला में…

फर्जीवाड़ा मामले में पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर बगहा भाजपा नगर अध्यक्ष को गिरफ्तार किया

पश्चिम चम्पारण जिला अंतर्गत भाजपा के बगहा मण्डल अध्यक्ष को बगहा नगर थाना की पुलिस ने फर्जीवाड़े मामले में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्र बताते हैं कि भाजपा नगर…

प्रशांत किशोर ने जन सुराज संवाद पदयात्रा का 41वां दिन बताया कि 13 नवंबर 2022 को बेतिया में जन सुराज संवाद पदयात्रा का पहला जिला अधिवेशन

  बेतिया: जन सुराज संवाद पदयात्रा के 41वें दिन बेतिया स्थित पदयात्रा शिविर में प्रशांत किशोर ने जन सुराज अभियान की युवा, महिला, अल्पसंख्यक और प्रखंड समितियों के सभी सदस्यों…

भोपाल के नजीराबाद पुलिस की एक टीम कटनी सीएमएचओ डॉ. प्रदीप मुड़िया की गिरफ्तारी के लिए गुरुवार को कटनी पहुंची

मामला 2017 का बताया गया है, डॉ. प्रदीप मुड़िया को एक केस की पेशी में न्यायालय में हाजिर होना था, लेकिन वह नहीं पहुंचे, जिसके चलते साक्षी का गिरफ्तारी वारंट…

जन सुराज संवाद पदयात्रा का 40वां दिन, बिहार में विकल्पहीन राजनीति, राजद और भाजपा को वोट देना विवशता : प्रशांत किशोर

: जन सुराज संवाद पदयात्रा के 40वें दिन बुधवार को प्रशांत किशोर पदयात्रियों के साथ पश्चिम चम्पारण जिला के नौतन प्रखंड स्थित पदयात्रा कैंप से चलकर आमवा टोला, सिवालिया टोला, घोटा…

किशोरी से गैंगरेप, शर्मसार हुई, वाल्मीकि की धरती

पॉस्को अधिनियम अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज, दो आरोपी गिरफ्तार पश्चिम चम्पारण जिला अंतर्गत पर्यटन नगरी वाल्मीकिनगर में किशोरी से सामूहिक दुराचार गुरुवार को किया गया। जिससे वाल्मीकि की धरती शर्मसार हो…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया