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Month: November 2022

आदर्श बना एक्सटर्नल सेक्शन ऑफिसर, देश में ग्यारहवां स्थान, माता-पिता व गांव का नाम आलोकित किया

बेतिया: पश्चिम चम्पारण जिला अंतर्गत लौरिया प्रखंड के बहुवरवा पंचायत के नोनीपाकड गांव के लाल आदर्श ने एससी सीजीएल का परीक्षा पास कर पुरे देश में ग्यारहवां स्थान प्राप्त कर…

जन सुराज पदयात्रा के 35वें दिन योगापट्टी में प्रशांत किशोर ने कहा शराबबंदी से पेट्रोल-डीज़ल यूपी से बिहार में महंगा

बेतिया: पश्चिम चम्पारण जिला के भितिहरवा आश्रम से 2 अक्टूबर 22 को जन सुराज संवाद पदयात्रा प्रारंभ किया गया। उसके 35वें दिन की शुरुआत सर्व धर्म प्रार्थना से हुई। इसके…

नीतीश कुमार पर किसी ने यहां जूता उछाल था, इसलिए नहीं बनने दे रहे हैं नवलपुर-बेतिया रोड: प्रशांत किशोर

बेतिया: प्रशांत किशोर ने पश्चिम चंपारण के योगापट्टी प्रखंड में जनता से संवाद करते हुए नीतीश कुमार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा, “नवलपुर-बेतिया रोड की हालत ऐसी है कि…

सब्सिडियरी इतिहास 07 नवंबर 22 की दूसरी पाली की परीक्षा उच्च विद्यालय नरकटियागंज में होगी: डॉ राय

बेतिया: नरकटियागंज टी.पी वर्मा कॉलेज के प्राचार्य सह केन्द्राधीक्षक डॉ. लक्ष्मीकांत राय ने बताया कि स्नातक प्रथम खंड की परीक्षा संचालित है। जिसमें संख्या अधिक होने के कारण दिनांक –…

दस आईपीएस अधिकारियों का हुआ तवादला हुआ हरिद्वार और रुद्र प्रयोग का कप्तान बदला

शासन ने दिन गुरुवार के हरिद्वार बागेश्वर और रुद्रप्रयोग के पुलिस कप्तान को बदल दिया गया। हरिद्र जिले का कमान आईसीपीएस अधिकारी अजय सिंग को सौप दिया गया है। में…

सेंट सीएफ एंड्रूज व D P S बने ओवरऑल चैंपियन, यहां देखें मून स्कूल ओलंपिक के परिणाम

केंद्रीया मंत्री एसपी सिंग बघेल ने कहा कि मून स्कूल ओलंपिक की प्रतियोगिताएं देश में मिसाल बन चुकी हैं। आयोजन समिति अध्यक्ष बीना लवानिया ने कहा कि मून स्कूल ओलंपिक…

भिलाई में लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर काट रहे बंदर, दो अस्पताल पहुंचे

दुर्ग के कसारीडीह, केलाबाड़ी क्षेत्र में बंदरों ने महीने भर से हलाकान कर रखा है। सप्ताह भर में बंदरों ने आठ लोगों को काट लिया। जिसमें से दो अभी भी…

बाइक चुराकर भाग रहा था चोर, मालिक ने अनोखे अंदाज में पकड़ा रंगे हाथों

चोर दिन दहाड़े बाइक चुराकर भाग रहा था। लेकिन, मालिक ने अनोखे अंदाज में दोस्त की मदद से उसे पकड़ लिया। देश-दुनिया में चोरी, लूट, स्नेचिंग की घटनाएं लगातार बढ़ रही…

चार को होगी सप्तकोसी परिक्रमा, मार्ग बदहाल

श्रवण क्षेत्र अंबेडकरनगर। प्रबोधिनी एकादशी के मौके पर श्रवणक्षेत्र धाम से सप्तकोसी परिक्रमा करने वाले श्रद्धालु को मुश्किले का सामना करना पड़ेगा। श्रवणक्षेत्र धाम परिसर में ही बदहाल हो चुके…

 ग्राम पंचायत सचिव ने किया बैठक का बहिष्कार, बीडीओ पर लगाया अमर्यादित भाषा का आरोप

तालग्राम विकास खंड में ग्राम सचिवों ने समीक्षा बैठक का बहिष्कार कर दिया गया । इस दौरान बीडीओ पर अमर्यादित भाषा का आरोप लगाया दिया गया है । वहीं, पीड़ित…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया