Wed. Jun 24th, 2026

Author: Roshan Lal Sahu

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर में पिछले 4 वर्ष में विकाश

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर में पिछले 4 वर्ष में विकाश और सुरक्षा के साथ विश्वास पर आधारित त्रिवेणी माँडल नें 589 गांवो कों नक्सल हिंसा से बाहर निकाला और…

नगर निगम:वेतन नहीं मिला, नाराज कर्मचारी काला फीता लगा कर रहे काम

नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारयों को 2 माह से वेतन नहीं मिला है। विरोध में दो दिन से वे काला फीता लगाकर काम कर रहे हैं। 10 फरवरी तक तनख्वाह नहीं…

इलाज के लिए जमा पैसे को शराब के लिए नही दिया तो मार डाला

बागबहारा थाना ग्राम काडरो में एक युवक ने शराब के लिए पैसे नही मिलने की वजह सें अपने पिता को मार कर हत्या कर दिया मृतक के भतीजे की रिपोर्ट…

फैसलाः दुष्कर्म के एक और केस में आसाराम दोषी आज सजा का ऐलान

गंधीनगर सत्र न्यायालय नें दुष्कर्म के एक और मामले मे आसाराम को दोषी ठहराया है। जबकि उसकी पत्नी लक्ष्मीबेन और बेटी भारती सहित छह अन्य आरोपियो को निर्दोष करार देते…

भूमिपूजन:कोड़िया में टंकी निर्माण के लिए किया भूमिपूजन

ग्राम पंचायत कोड़िया में टंकी निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया है । मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष शालिनी यादव थीं। इस दौरान कृषि सभापति योगिता चंद्राकर, झमित गायकवाड़, कृषि…

वार्षिकोत्सव अमृत मंथन का आयोजन:एमजे स्कूल के बच्चों ने किया जुंबा व जंगल डांस, मिला इनाम

आर्य नगर कोहका  एमजे स्कूल  के बचो वार्षिकोत्सव अमृत मंथन का आयोजन किया गया है । लगभग 3 00 अभिभाव और बच्चों ने कार्यक्रम का आनंद उठाया है । मुख्य…

बीबीसी डाँक्यूमेंट्रीः रोक के खिलाफ याचिका पर सुनवाई 6 फरवरी को

गुजरात दंगो कों लेकर बीबीसी की विवादित डाक्यूमेंट्री पर प्रतिबंध के सरकार के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दों याचिकाए दायर की गई है। चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़…

भारत जोडों यात्रा राहुल बोला मुझे कहा गया था ग्रेनेड फेंका जाएगा पर लोगों ने दिल को खोलकर प्यार दिया है। और अपनो का प्यार मिला है

कन्याकुमारी सें शुरु हुई राहुल गांधी की भारत जोड़ों यात्रा सोमवार को श्रीनगर में खत्म हो गई भारी बर्फबारी के बीच राहुल गांधी ने कहा मैं जब कश्मीर जा रहा…

मैत्रीबाग में फूल सो देखने लगभग 30 से 40 हजार लोग पहुंचे, केवल प्रवेश टिकट से एक दिन में आठ लाख रुपये

भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएं उद्यान विभाग प्रबंधन द्वारा फूल  शो का आयोजन रविवार को किया गया। जिसमें बीएसपी  क्षेत्र के शालेय बागवानी, गमलों में लगे कैक्टस, बोनसाई, क्रोटन,…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया