Tue. Jun 23rd, 2026

Month: April 2023

सुपेला रेलवे क्रॉसिंग पर एक महिला खुदकुशी करने के लिए बैठी हुई थी

छत्तीसगढ़  के दुर्ग जिला  में सुपेला   रेलमार्ग पर एक महिला खुदकुशी करने के लिए बैठी हुई थी। जैसे ही इसकी जानकारी  मिली  तो डायल 112 को किया , वह   जल्दी…

घरो -घर पहुंचकर बनाया जा रहा आयुष्मान कार्ड, राशनकार्ड और आधार कार्ड जरूरी

शहर के कोने कोने  मे  अब  हरइलाकों  मे आयुष्मान कार्ड घरो -घर पहुंचकर बनाया जा रहा है।   इतवार को भिलाई निगम की टीम ने अलग-अलग इलकों  में पहुंचकर इसकी जानकारी…

परीक्षा में सफलता के लिए आवश्यक पाठ्य सामग्री सटीक चयन महत्वपूर्ण : प्रो. आरबी सिंह

विशेषज्ञों ने सिविल सेवा परीक्षा में गुणवत्तापूर्ण पुस्तकों के चयन पर चर्चा    पटना। लोक सेवा परीक्षा में सफलता के लिए कठिन परिश्रम के साथ गुणवत्तापूर्ण पुस्तकों का चयन अति…

जेल से छूटने के बाद भी आँटो चोरी करने लगे 2 दोस्ता 4 आँटो के सम्मेत 3 पकड़ाए

लगभग एक महिना जेल में रहने के बाद भी दोनो दोस्त चोरी के आदत नहीं छोड़ा है। लाइनवार रिहाई होने के बाद भी दोनो पें पुनः चोरी के वारदात दुर्घटना…

जिला शिक्षा विभाग ने शिक्षा का अधिकार के तहत सीटों और स्कूलों की संख्या तय कर दी है।

शिक्षा सत्र 2023-24 में शिक्षा का अधिकार के तहत जिले के 515 स्कूलो की 4920 सीटों पर बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। बीते शिक्षा सत्र में स्कूलों की संख्या 528…

भाजपा सुपेला मंडल की कार्यकारिणी घोषित

भिलाई। भाजपा के सुपेला मंडल अध्यक्ष रुपराम साहू ने अपनी कार्यकारिणी का गठन कर दिया है। 18 सदस्यीय उनकी टीम में 4 उपाध्यक्ष 2 महामंत्री और 5 मंत्री है। कार्यकारिणी…

धान खरीदी में प्रति एकड 20 कुंटल करने पर किसानों नें बांटी मिठाई

भूपेश बघेल द्वारा धान खरीदी की सीमा 20 क्विंटल प्रति एकड़ करने की घोषणा के बाद सेवा सहकारी समिति उतई में सदस्यों ने जुटकर खुशी का इजहार किया। किसानों को…

छत्तीसगढ़ के कर्मचारी ने की वेतन के मांग मंत्री को पत्र लिखा

नगर पालिका निगम भिलाई के लगभग 160 कर्मचारी अधिकारी ऐसे हैं, जिन्हें सेवानिवृत्त हुए दो से तीन साल हो चुका हो लेकिन उन्हें उपादान वेतन के राशि नही मिल पाई…

ठेका मज़दूरों ने की मांग माइंस की तरह 21 हजार मिले वेतन

ठेका मज़दूरों  यूनियन इंटक के द्वारा भिलाई इस्पात संयंत्र के ठेका मज़दूरों  को सम्मिलित  एवं सदस्यता अभियान के तहत स्टोर एवं कोक ओवन के दो सौ  मज़दूरो   ने सदस्यता दिलाई।…

स्थापना दिवस शुभ आयोजन का मुख्यमंत्री बघेल आज दुर्ग में, आज के दीक्षांत अंत में होनेवाला आयोजन में होंगे शामिल

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सोमवार यानी आज  24 अप्रैल को दुर्ग के देशांतर गमन पर रहेंगे। वे सबेरे लगभग  11 बजे नवा रायपुर ठहरा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया