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Month: April 2023

बीएसपी सेक्टर 4 सोसाइटी में 8 रिटायर कार्मियों को सम्मान किया

बीएसपी कर्मियों की सहकारी संस्था बीएसपी कर्मचारी को मैं तभी से उसकी देखभाल करता आया हूँ। सोसाइटी सेक्टर 4 सेवानिवृत्त 8 सदस्य कर्मियों को सम्मान विदाई दी। सोसाइटी में हुए…

पंचायतीराज दिवस सेमिनार कार्यक्रम पटना में पंचायतीराज पीठ, सीएनएलयू एवं यूसीएस ने किरण देव यादव सम्मानित

  सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए खगडिया के तीन सरपंच सम्मानित, बधाइयों का तांता खगड़िया। बिहार प्रदेश पंच सरपंच संघ खगड़िया के जिला अध्यक्ष सह प्रदेश…

किसानों को 55 हजार के बजाए 58 हजार कर्ज मिलेगा।

दुर्ग जिला के किसानो के लिए सबसे बडी मंगल संदेश है। जो किसान खरीफ के सीजन में धान की खेती करेंगे, उन्हें सार्वजनिक संस्था  से अब 55 हजार के जगह …

रास्ता तक सामान फैलाकर रखा 6 दुकानदारों को नोटिस दिया गया।

भिलाई नगर में चरोदा के तोडूदस्ते ने शहर के मुख्य मार्ग के दोनो तरफ सर्विस लेने में कार्रवाई की। सड़क पर सामान फैलाकर रखे लोगों पर कार्रवाई की गई 6…

अमेठी में कांग्रेस की नगर निकाय चुनाव तैयारी बैठक सम्पन्न

अमेठी में कांग्रेस की नगर निकाय चुनाव तैयारी बैठक सम्पन्न अमेठी:  उत्तर प्रदेश के अमेठी में कांग्रेसजनों की बैठक सम्पन्न हुई। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने अमेठी, गौरीगंज,…

प्रदीप मिश्रा सुनाएंगे शिव महापुराण की कथा

भिलाई में  मंगलवार 25 अप्रैल से लेकर एक मई तक जयंती स्टेडियम मैदान में शिव महापुराण का आयोजन किया जा रहा है। इसमें सीहोर के कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा   कथा…

गौनाहा थाना क्षेत्र के जड़िया मुरली हत्याकांड का आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय को सुपुर्द

गौनाहा थाना क्षेत्र के जड़िया मुरली हत्या काण्ड में सास व देवर गिरफ्तार  बेतिया: पश्चिम चम्पारण जिला के बेतिया पुलिस अंतर्गत गौनाहा थाना क्षेत्र के जड़िया मुरली की ममता देवी,…

दुर्ग के लुचकी तालाब में किया गया प्रयोग सकारात्मक परिणाम सामने आए

गंगा नदी में पाए जाने वाले सूक्ष्म जीवों को प्रयोगशाला में विकसित कर उसका उपयोग करके तलाबो को पुनर्जीवित किया जा सकता है। तालाब के गंदे पानी को साफ और…

भिलाई के 14 वार्डो को अलग कर ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़कर 40 वार्ड का निगम बना

भिलाई निगम के 14 वार्डो को पृथक कर बनाया गया रिसाली नगर निगम लगभग 85 वर्ग किमी क्षेत्र मे फैला है। इसमें बीएसपी टाउनशिप का क्षेत्र भी शामिल है। घनी…

नवजात के इलाज के लिए जिला अस्पताल में एसएनसीयू बनेगा

जिला अस्पताल में नवजात शिशुओ के लिए एसएनसीयू बनाया जाएगा। अभी इसके क्षमता 18 बेड की है। इसे बढ़ाकर 40 बेड तक किए जाने की तैयार है। इसका प्रस्ताव तैयार…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया