Tue. Jun 23rd, 2026

Month: April 2023

एनआरसी में बच्चों को गर्मी से मिलगा राहत संस्था ने दिया पंखे

भिलाइ:- समाज सेवी संगठन गोल्डन एंपथी जीई फाउंडेशन ने अपने सेवाकार्य को विस्तारित करते हुए पोषण पुनर्वास केंद्र एनआरसी अहिवारा में एग्जाँस्ट पंखे भेट किए है। इससे वहां के बच्चो…

पुराना बस स्टैंड दुर्ग के दरगाह में सोने की कलश और पतरा लगेगा

हजरत बाबा सैम्य अब्दुर्रहमान शाह काबुली पुराना बस स्टैंड दुर्ग दरगाह प्रबंध समिति की बैठक हुई जिसमें कार्यपालिक मजिस्ट्रेट/ तहसीलदार दुर्ग और छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड सदस्य फिराज खान की…

पारिवारिक मिलन समारोह में साहू मित्र सभा ने होनहार बच्चों का सम्मान किया

भिलाई:- क्षेत्रीय साहू मित्र सभा सेक्टर 1 व 2 द्वारा पारिवारिक मिलन व प्रतिभा सम्मान समारोह रविवार को मनाया गया। कार्य क्रम में सबसे पहले समाज के मुकुंद गंगबेर के…

नवनिर्मित मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा एवं नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ प्रारम्भ 

महायज्ञ को लेकर 1001 मातृशक्ति की कलश यात्रा सम्पन्न बेतिया: पश्चिम चम्पारण जिला के 5 चीनी मिल में एक मझौलिया चीनी मिल में एक मंदिर का नव निर्माण किया गया…

3से 2 दिन पहले बदले मौसम का स्वभाव अब भी जस का तस बना हुआ है।

बंगाल के  खाड़ी मे  अधिक मात्रा में नमी होने  के कारण बृहस्पतिवार के  सबेरे  ठंड महसूस हुई । बृहस्पतिवार की सबेरे  तापमान लगभग  20 डिग्री से कम रहा। दोपहर तक…

केंद्र सरकार ने असम सरकार के साथ 5 उग्रवादी संगठन से नई दिल्ली में त्रिपक्षीय समझौता पर हस्ताक्षर किया

पूर्वोत्तर में चरमपंथी उग्रवादी संगठन राष्ट्र की मुख्यधारा में शामिल होंगे  नई दिल्ली: भारत सरकार, असम सरकार और दिमासा नेशनल लिबरेशन आर्मी/दिमासा पीपल्स सुप्रीम काउंसिल (डीएनएलए/डीपीएससी) के प्रतिनिधियों के बीच…

तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को मारी ठोकर, पिता-बेटी की मौत, दूर तक घिसटती रही ट्रक में फंसी बाइक

दुर्ग भिलाई  में मंगलवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। जिसमें एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार को ठोकर मार दी। बाइक ट्रक में बुरी तरह फंस गई थी और…

कुम्हारी ओवर ब्रिज के निर्माण को देखने पहुंचे कलेक्टर दुर्ग इंजीनियर ने बताया जल्द शुरू होगा डिसमेंटल का कार्य

छत्तीसगढ़ के कुम्हारी में बन रहे ओवर ब्रिज बड़ी तकनीकी खुशहाल खामी मिलने से इसके शुरू होने की डेड लाइन दिसंबर तक बढ़ गई है। इसे लेकर कलेक्टर दुर्ग पुष्पेंद्र…

4 फीट गहरा गडडा खोदकर खुला छोड़ सड़क पर मिटटी के ढे़र से राहगीरो कों हादसें खतरा बनना रहता है।

पुलगांव चौक से अंडा तक सड़क निर्माण जारी है। सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा ताक पर है। दुर्घटना के आंशका बनी हुई है। मार्ग पर सड़क को ही करीब लगभग…

You missed

खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया