Tue. Jun 23rd, 2026
महायज्ञ को लेकर 1001 मातृशक्ति की कलश यात्रा सम्पन्न
बेतिया: पश्चिम चम्पारण जिला के 5 चीनी मिल में एक मझौलिया चीनी मिल में एक मंदिर का नव निर्माण किया गया है। नव निर्मित मंदिर में स्थापित प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के लिए शतचंडी महायज्ञ प्रारम्भ किया गया। मंदिर में प्रतिमा स्थापना व प्राण प्रतिष्ठा के लिये नौ दिवसीय आध्यत्मिकोत्सव का श्रीगणेश  शुक्रवार को कलश यात्रा के साथ प्रारम्भ हुआ। प्राण प्रतिष्ठा को लेकर 1001 मातृशक्ति ने कलश के साथ शोभा यात्रा निकाला। उपर्युक्त शोभायात्रा चीनी मिल परिसर से निकलकर नगर परिक्रमा करते हुए, गुरचुरवा उत्तरवाहिनी नदी राजघाट पहुंची। वहां वाराणसी के यज्ञाचार्यो ने विधिवत पूजन उपरांत कलश में जल लिया। उल्लेखनीय है कि नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ में वाराणसी के यज्ञाचार्य व वेदाचार्य पंडित मधुसूदन उपाध्याय, कथा उपदेशक, व्यास व्याकरणाचार्य पंडित अरविंद कुमार त्रिपाठी के मंत्रोचार से राजघाट गुंजयमान हो गया।
कोलकाता से सुगर इंडस्ट्रीज के सीईओ राजेश शारदा और उनकी धर्मपत्नी ने यजमान बन पूजा अर्चना किया। बी के बिड़ला ग्रुप के निदेशक मंडली के सुगर इंडस्ट्रीज मझौलिया के सीईओ राजेश शारदा ने बताया कि नव निर्मित मंदिर में देवाधिदेव महादेव की शिव का प्रतीक शिवलिंग स्थापित की जायेगी। इसके अतिरिक्त माता पार्वती, श्रीगणेश, मां शतचंडी व रामभक्त हनुमान की प्रतिमा आगामी 05 मई 2023 को स्थापित की जायेगी। पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद (भंडारा, लंगर) का आयोजन 06 मई 2023 को अयोजित किया जाएगा। प्रतिदिन संध्या कथावाचक श्रीमदभागवत कथा पर व्याख्यान देंगे। उल्लेखनीय लाल संगमरमर बना यह मंदिर  चम्पारण के लिए एक बड़ी कीर्ति होगी। कलश यात्रा को सफल बनाने में सुगर इंडस्ट्रीज के जीएम (केन) डॉ. जेपी त्रिपाठी, जीएम (इंजीनियरिंग) संतोष कुमार, जीएम (प्रोडक्शन) सर्वेश कुमार दुबे, प्रोडक्शन हेड डिस्टिलरी प्रदीप कुमार शुक्ल, डिप्टी जीएम कमर्शियल यू एन राय, एजीएम आनंद, सीनियर मैनेजर रमाकांत मिश्र, मुख्य रोकड़पाल राजकुमार झुनझुनवाला, एस पी श्रीवास्तव का उल्लेखनीय योगदान रहा। उपर्युक्त कलश यात्रा में सामुदाययिक स्वास्थ्य केंद्र मझौलिया के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, इंस्पेक्टर सह थानाध्यक्ष अभय कुमार एंबुलेंस व सदलबल के साथ शामिल हुए।
Spread the love

By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

Leave a Reply

You missed

खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया