Tue. Jun 23rd, 2026

Month: November 2022

पुलिस अधीक्षक बेतिया ने शिकारपुर पुलिस अंचल व थाना का निरीक्षण किया

बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला के बेतिया पुलिस अंतर्गत बेतिया पुलिस अधीक्षक उपेन्द्र नाथ वर्मा ने बुधवार को शिकारपुर पुलिस अंचल व शिकारपुर थाना का निरीक्षण किया।एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा…

सत्यदेव जनसेवा ट्रस्ट ने 100 असहाय को कंबल प्रदान किया

बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला के नरकटियागंज अनुमंडल अंतर्गत नगर परिषद के हरदिया स्थित सत्यदेव जनसेवा ट्रस्ट के कार्यालय में कंबल वितरण कार्यक्रम बुधवार को संपन्न हुआ। सत्यदेव जनसेवा ट्रस्ट…

पहली बार 6 महिला अधिकारियों का प्रतिष्ठित डीएसएससी में प्रवेश

पहली बार 6 महिला अधिकारियों नें डिफेंस सर्विसेज स्टाफ काँलेज डीएसएससी के परीक्षा पास की है। और भारतीय सेना के अधिकारी ने बताया कि एक महिला अधिकारी ने बताया की…

राजीव गांधी हत्याकांड: 6 दोषियों की रिहाई वाले SC के फैसले को चुनौती देगी कांग्रेस

कांग्रेस राजीव गांधी हत्याकांड के खिलाफ 6 दोषियों की रिहाई वाले सुप्रीम कोर्ट मे फैसले को चुनौती देने की तैयारी कर रही है. पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के…

पिता ही निकला बेटी का कातिल आन की खातिर ले ली जान, इसलिए रची हत्या की खौफनाक साजिश

मथुरा के यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर कृषि अनुसंधान केंद्र के पास लाल रंग के ट्रॉली बैग में खून से लथपथ मिला शव दिल्ली के गांव मोड़बंद की आयुषी…

भोपाल में बंसल ग्रुप पर इनकम टैक्स की रेड, रिंग सेरेमनी की स्टीकर लगी गाड़ियों से आई टीम

राजधानी भोपाल में बंसल ग्रुप के 40 ठिकानों पर आयकर विभाग ने शुक्रवार सुबह छापेमारी की है। भोपाल, इंदौर और मंडीदीप में सुबह आयकर विभाग ने छापेमारी की। छापेमारी करने…

पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति सम्मान 2022 सह लोक चिन्तन स्थापना दिवस समारोह संपन्न

पटना: पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति सम्मान 2022 सह लोक चिन्तन स्थापना दिवस समारोह बिहार की राजधानी पटना स्थित गांधी संग्रहालय में समारोह पूर्वक संपन्न हुआ। जिसकी अध्यक्षता रवींद्र कुमार शर्मा…

पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति सम्मान 2022 सह लोक चिन्तन स्थापना दिवस समारोह संपन्न

पटना: पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति सम्मान 2022 सह लोक चिन्तन स्थापना दिवस समारोह बिहार की राजधानी पटना स्थित गांधी संग्रहालय में समारोह पूर्वक संपन्न हुआ। जिसकी अध्यक्षता रवींद्र कुमार शर्मा…

ग्राम नियोजन केंद्र ने सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया

नरकटियागंज: ग्राम नियोजन केंद्र संचालित सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का उदघाटन स्वयं सहायता समूह की सचिव हीरामती देवी ने फीता काट कर किया। जिसमें तीन गांव बरगजवा, सीतवापुर,मठिया निसिफ में प्रशिक्षण…

सौर उर्जा के क्षेत्र में 360 रिसर्च फाउंडेशन उपलब्ध करा रहा रोज़गार

बेतिया: पश्चिम चम्पारण जिला में 360 रिसर्च फाउंडेशन उर्जा विभाग में चयन के लिए अभ्यर्थियों का इंटरव्यू संपन्न हुआ। चयनित अभ्यर्थी व्यवसायिक ऊर्जा खपत करने वाले लोग, व्यवसाय, संस्था के…

You missed

खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया