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Month: November 2022

भारतीय किसान संघ की रामलीला मैदान में आयोजित गर्जना रैली को सफल बनाने को बैठक

नरकटियागंज: अनुमंडल क्षेत्र के गोपाला ब्रह्म स्थान परिसर में भारतीय किसान संघ की बैठक संपन्न हुई। जिसकी अध्यक्षता प्रखण्ड अध्यक्ष नरेन्द्रनाथ तिवारी ने किया। उपर्युक्त बैठक में नागेंद्र प्रसाद जिला…

उत्तराखंड प्रदेश को खेल के क्षेत्र मे केंद्र मे बडे सौगात स्पोर्ट्स कॉलेज को केआईएससीई के रूप में मंजूरी

खेलों इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस योजना के तहत उत्तराखंड में महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज को केआईएससीई के रूप में मंजूरी मिला है विभागीय अधिकारियों के मुताबिक कॉलेज के केंद्र…

देश का पहला प्राइवेट रॉकेट हुआ लॉन्च

कांग्रेस पार्टी के भारत जोड़ो यात्रा महाराष्ट्र के बालापुर से निकला है। वहीं आतंकवाद की फंडिंग से निपटने के तरीकों पर बातचीत के लिए दिल्ली में आज से 2 दिवसीय…

प्रिंयका बोली जयराम सरकार ने हिमांचल को कर्ज में डूबोया

हिमाचल में शोरभरा चुनाव प्रचार गुरुवार को थम गया आखिरी दिन भाजपा नें हुंकार भरी तों कांग्रेश ने इमोशनल कार्ड चला कांग्रेस नेता प्रिंयका गांधी ने तीन रैयली की। उन्होने…

 भोपाल में स्विमिंग पूल में डूबने से रंगकर्मी की मौत, बिरसा मुंडा का किरदार निभाया था

पुलिस के अनुसार रमेश अहीर प्रकाश तरण पुष्कर में स्विमिंग खीस रहे थे। गुरुवार को भी वह रोज की तरफ सुबह 10 बजे स्विमिंग पूल पहुंच गए थे। वह कम…

दुर्ग के रिसाली नगर निगम के गलियों के सीमेंटीकरण में भ्रष्टाचारी की अब आयुक्त उखड़ा कर शुरू कराई जांच

गली के सीमेंटीकरण में यह भ्रष्टाचार दुर्ग जिले के रिसाली नगर निगम में किया गया है। यहां के रहवासी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। एक तरफ सरकार अधिक…

सिद्विविनायक अस्पताल मे चिकित्सक समेत सात लोग के खिलाफ 304 एट के तहत अपराध दर्ज किया

भिलाई. स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद पुरानी भिलाई पुलिस ने भिलाई-3 सिरसा गेट के समीप मौजूद सिद्विविनायक अस्पताल के चिकित्सक समेत 7 के खिलाफ धारा 304 ए के…

गोदावरी देवी रामचंद्र प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर में भारतीय संस्कृति ज्ञान प्रतियोगिता संपन्न

नरकटियागंज: गोदावरी देवी रामचंद्र प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर पुरानी बाजार नरकटियागंज में अखिल भारतीय संस्कृति ज्ञान प्रतियोगिता के राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले भैया…

25 दिन की बच्ची के पेट में 8 भ्रूण दुनिया का पहला केस है।

झारखंड मे 23 दिन की बच्ची के पेट में से 8 भ्रूण निकाले हैं। डाँक्टरों कहा कि इस दुनिया का पहला मामला बताया है। रायगढ़ की बच्ची का इलाज रांची…

सीएम फ्लाइंग की टीम ने बुधवार को खाद्य आपूर्ति विभाग के कार्यालय व जगाधरी और छछरौली स्थित गोदामों पर छापामारी की

यमुनानगर सीएम फ्लाइंग की टीम ने बुधवार को खाद्य आपूर्ति विभाग के कार्यालय व जगाधरी और छछरौली स्थित गोदामों पर छापामारी की। छापामारी के दौरान कार्यालय में एक वर्ष पहले…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया