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Month: November 2022

6 जनवरी से दुर्ग भिलाई में लगेगा सबसे बड़ा व्यापार मेला

भिलाई में नए साल का पहला महीना मे दुर्ग भिलाई में रहने वालो के लिए बेहद खास होगा भिलाई दुर्ग के सबसे बड़ा व्यापाार मेला 6 से 15 जनवरी तक…

आजादी के बाद भी पढ़ाया गया साजिशन रचा गया इतिहास, लचित बरफुकान जयंती समारोह बोले प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली के विज्ञान भवन में लचित बरफुकान पर आयोजित प्रदर्शनी का भी दौरा किया। कार्यक्रम के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा भी मौजूद रहे।  प्रधानमंत्री…

डायरिया ने कैंप-1 में पसारा पैर, 2 की मौत 60 से अधिक अस्पतालों में दाखिल

कैंप-1 भिलाई.शारदा पारा व वृदां नगर में मंगलवार के रात से डायरिया के शिकायत प्रकाश में आने लगी। बुधवार को दोपहर तक विभिन्न अस्पतालों में 30 से अधिक मरीज पहुंच…

भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी

काग्रेस नेता राहुल गांधी को भारत जोड़ो यात्रा 23 नवंबर को मध्यप्रदेश में शुरु होगा। इससे पहले ही यात्रा के दौरान बम के धमाके करने का धमकी मिली है। इस…

साथी को पीटने पर भड़का वकील ने लगाया जाम सड़क पर

जमीन के विवाद में साथी को पीटे जाने से नाराज वकीलों ने करीब 3 बजे में मुंसिफी के सामने सड़क पर जाम लगा दियाइससे 1 घंटे तक आवागमन बाधित रहा…

जन सुनवाई के लिए हर प्रखंड में खुलेगा ‘जन सुराज नागरिक सहायता केंद्र’: पीके

पटना : प्रशांत किशोर के जन सुराज पदयात्रा के 54वें दिन की शुरुआत पूर्वी चंपारण जिले के गायघाट पंचायत के स्थित जन सुराज पदयात्रा शिविर में सर्वधर्म प्रार्थना से हुई।…

कुपोषण से बचाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बच्चे, सरकार की उदासीनता के कारण कुपोषण का शिकार : यूनियन

बेतिया: बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन एटक पश्चिम चम्पारण ने गुरुवार को एक दिवसीय धरना दिया। पश्चिम चम्पारण की आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन की जिला इकाई ने बारह सूत्री मांगों को…

जन सुनवाई के लिए प्रत्येक प्रखंड में खुलेगा ‘जन सुराज नागरिक सहायता केंद्र’ : पीके

पटना: प्रशांत किशोर के जन सुराज पदयात्रा के 54वें दिन की शुरुआत पूर्वी चंपारण जिले के गायघाट पंचायत के स्थित जन सुराज पदयात्रा शिविर में सर्वधर्म प्रार्थना से हुई। इसके…

किशोर-किशोरी प्रतिनिधि मंडल ने जिला स्तरीय बाल दरबार में पदाधिकारियों को मांग पत्र सौंपा

बेतिया। पश्चिम चम्पारण जिला मुख्यालय बेतिया में यूनिसेफ की सहयोगी प्रथम संस्था ने बाल दिवस सप्ताह के अवसर पर जिला स्तरीय बाल दरवार कार्यक्रम का आयोजित किया। जिसमें जिला के…

गरीब टीबी रोगियों के लिए वरदान निःशुल्क हेल्थ ऑटो

बेतिया।पश्चिम चंपारण जिला में टीबी उन्मूलन की दिशा में काम कर रही संस्था केएचपीटी द्वारा टीबी के मरीजों के लिए मझौलिया प्रखंड में शुरू की गई निःशुल्क हेल्थ ऑटो गरीब…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया