Wed. Jun 24th, 2026

Author: Roshan Lal Sahu

यूपी सरकार के कर्मचारियों को झटका लगने वाला है।

सरकारी सामान्य भविष्य निधि नियमावले में संशोधन करनेको जा रह है। इसे लेकर जल्द ही प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार के कर्मचारी अपने सामान्य भविष्य निधि एकाउंट…

छत्तीसगढ़ में शवों का पोस्टमार्टम सूर्योदय से सूर्यास्त यानी दिन में ही हो रहा था

लेकिन अब यह चैबीसो घंटे यानी रात में भी किया जा सकेगा। शासन ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालो मेड़िकल काँलेल अस्पतालो और स्वास्थ्य केंद्रो में को निर्देश जारी किया है।…

नए सेना प्रमुख को लेकर पाकिस्तान मे विवाद

पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा के सेवानिवृत्त होने में कुछ ही हफ्ते बचे है। पर उनके उत्तराधिकारी नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम)…

3 महीने बाद पकड़ा गया वकील के बेटे का हमलावर

संजय नगर में वकील के इकलौते बेटा का अपहारण की कोशिश में नाकाम होने के बाद चाकू से हमला करने वाला आरोपी शेख कुर्बान को पुलिस ने बंगाल में गिरफ्तार…

रेलवे ने चलाया टिकट चेकिंग अभियान लगभग 129 बेटिकट पकड़ाए है।

सोमवार को रेलवे नें ट्रेनों में टिकट चेकिन के लिए विशेष अभियान शुरु किया है। इस दौरान रायपुर दुर्ग और राजनांदगाव जाने वाली ट्रेनों के साथ स्टेशनों में चेकिंन की…

उत्तर भारत सर्दी की चपेट में है, लेकिन जनवरी का दूसरा सप्ताह दिल्ली-एनसीआर के लिए राहत लेकर आएगा। तीन दिन ठंड से राहत रहेगी

बुधवार को दिल्ली-मे N C R में धूप निकलने से तापमान में मामूली बढ़ोतरी हुए है। बुधवार को देर रात से दिल्ली-N C R के कई इलाका में बूदाबादी का दौर-दौरा…

लखनऊ में अधिक कोहरा होने के कारन कक्षा 9 वी सें 12 तक आँनलाइन क्लास 8 तक सभी स्कूल 14 तारीक तक बंद रहेगा

बर्फ वाले हवाओ नें राजधानी के लोगो को सिकोड़ दिया गलन और ठिठुरना इतना था कि सुबह लगभग 9 से 10 बजे तक सड़क पर कम संख्या में वाहन नजर…

नारायणपुर में ईसाई मिशन द्वारा आदिवासियों पर किए हमले की घटना में न्याय के मांग को लेकर आदिवासियों ने राज्यपाल से मुलाकात कीया ।

1 जनवरी को ईसाई मिशन द्वारा आदिवासियों पर किए जानलेवा हमले की घटना में न्याय की मांग को लेकर बस्तर से राजधानी पहुंचे आदिवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल अनुसुईया…

इंटक में मुख्य पदों के लिए मतदान शुरु संजय और वंश वहादुर के बीच कडी मुकाबला चल रहे थें

भिलाई इंटक के कार्यालय में मतदान को लेकर सोमवार कों दोपहर करीब 1 बजे के बात प्रोसेस शुरु हो गया था वोटिंग करने के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारी का…

राकेश टिकैत समेत कई किसान नेताओं ने राहुल गांधी से M S P गारंटी कानून समेत अन्य मसलों पर 50 मिनट तक चर्चा की

हरियाणा में 2 चरण में चल रहा भारत जोड़ो यात्रा के 4 दिन राहुल गांधी ने महिलाओं और किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और मुद्दे जानने का प्रयास किया।…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया