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Month: May 2023

ग्राम बटरेल में शिव महापुराण का आयोजन हुआ

ग्राम बटरेल में सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का आयोजन किया गया था इसमें कथावाचक बाल योगी विष्णु अरोड़ा भगवान शंकर के महिमा शिव पार्वती विवाह गणेश जन्मोत्सव कार्तिकेय जन्म…

दया ने राज्यपाल बैस को भेंट किया श्रीगणेश

बोल बम सेवा एवं कल्याण समिति के अध्यक्ष व भिलाई निगम के उप नेता प्रतिपक्ष दया सिंह नें महाराष्ट्र के राज्यपाज रमेंश बैस से मुलाकात किया। इस शिष्टाचार भेट में…

शिल्पी शर्मा ने प्रतिष्ठित उर्मिला अवार्ड जीता

भिलाई शहर की 20 साल शिल्पी शर्मा ने मुंबई के इनर रिसर्च फाउंडेशन समूह द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित संगीत प्रतियोगिता में देशभर के प्रतिभागियों के बीच विजेता बनकर प्रतिष्ठित उर्मिला अवार्ड…

सुप्रीम कोर्ट ने 5 विभाग में आधार कार्ड की अनिवार्यता समाप्त किया, निजता उलंघन के विरुद्ध जनहित में स्वागत योग्य निर्णय

सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का आमजनों ने स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया सुप्रीम कोर्ट से सभी क्षेत्रों में आधार कार्ड की अनिवार्यता पूर्णतः समाप्त करने की मांग खगड़िया। “देश…

खगड़िया जिला का 42 वां स्थापना दिवस पर क्या खोया क्या पाया ? समीक्षा की आवश्यकता:  किरण देव यादव

  मक्का, केला, दूध आधारित उद्योग की आवश्यकता, 43 वा स्थापना वर्ष का नई विकास की ऊंचाइयों को छूने की टास्क के साथ स्वागत विकसित जिला निर्माण को मास्टर प्लान…

गमहर वाली कामाख्या माता की ख्याति व कृपा से कल्याण : भक्तगण

जय मां कामाख्या काली, गहमर करहियाँ वाली एस एन श्याम / अनमोल कुमार उत्तर प्रदेश के गाजीपुर (जिला) जनपद के गहमर थाना अंतर्गत गहमर और करहिया गांव के मुहाने पर…

गोदावरी देवी रामचंद्र प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर में रोटरी क्लब का निःशुल्क नेत्र जाँच शिविर सम्पन्न

गोदावरी देवी रामचंद्र प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर में रोटरी क्लब का निःशुल्क नेत्र जाँच शिविर सम्पन्न बेतिया : गोदावरी देवी रामचन्द्र प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर पुरानी बाजार नरकटियागंज ने रोटरी…

रोड पर बैठे करीब 50 आवारा घूमता-फिरता जानवर को नगर निगम वालो ने पकडा

रोड पर खडे मवेशियों गायों या बैलो  को हटाने के लिए नगर निगम रोका छेका का अभियान चला रहा है। नगर निगम के टीम शुक्रवार को शहर के विभिन्न रोड…

आयुष्मान कार्ड बनवाने वार्डों में शिविर लगाया जा रहा है।

दुर्ग नगर  निगम के द्वारा बचे  हुए हितग्राहियों लोकप्रियता  का आयुष्मान कार्ड बनवाने वार्डों में शिविर लगाया जा रहा है। इसके संपर्क  में 11 मई आज  सबेरे  10 से शाम…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया