Wed. Jun 24th, 2026

Month: May 2023

दो हजार के नोट को संबंधी लोकहित दरख़ास्त खारिज या हटा दिया गया

दिन सोमवार को भारतीय रिर्जव बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के उन अधिसूचनाओ को चुनौती देने वाले जनहित याचिका खारिज कर दिया जिनमें दो हजार रुपए के नोट को बिना…

ठेकादार के घर में 1.40 लाख के मोबाइल सहित सोना चांदी चोरी हो गए

भिलाई मोहन नगर थाना के अंर्तगत ठेकादार के यह घर में सोना चांदी एव गहने सहित 1 लाख 40 हजार का मोबाइल चोर चोरी कर लिया। पुलिस नें धारा 380,457…

नौटपा मई में नही तपानाआज भी बूंदा बादी हल्की बारिश से राहत के अवशेष

नौटपा का पांचवे दिन सोमवार के दिन भी पारद करीब 39.3 डिग्री सेल्सियस रहे है। तापमान ने 3 दिन में लगभग 40 डिग्री के आंकडा पार नही किया है। यह…

बीकाँम की एक छात्र नें किया खुदकुशी

भिलाई थाना नगर निगम के अंतर्गत सोमवार को सबेरे के समय बीकाँम के एक छात्र नें अपने रुम में फांसी लगाकर खुदकुशी करली  है। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक काफी दिनों…

एसपी नें संभाली कमान साइबर और बेसिक पुलिसिंग पर जोर

भिलाई जिला में नए एसपी शलभ कुमार सिंन्हा नें सोमवार को पदभार ग्रहण कर लिया। पुलिस कप्तान के रुप में आईपीएस सिन्हा का दुर्ग में चौथा जिला है। जहां एसपी…

अंतर्राष्ट्रीय माउन्ट एवरेस्ट दिवस पर पटना में कार्यक्रम आयोजित

पटना : 29 मई 1953 को पहली बार माउंट एवरेस्ट पर मनुष्य ने चढ़ाई कर विजय प्राप्त किया। इसलिए विश्व स्तर पर 29 मई को अंतरराष्ट्रीय माउंट एवरेस्ट दिवस के…

साई इतना दीजिए जा में कुटुम्ब समाए मै भूखा ना रहू जाए।

श्रीमत प्रमाण लगने वाता घन ही अपना है। जो धन बैंक में पेटी में जेब मे  पडा है।वह अपना नही है। संग्रह के रुप में पडें धन में सें क्या…

स्मार्ट फोन नही जीवन को स्मार्ट बनाते है। सदगुण

आज स्मार्ट फोन का आर्कर्षण हरेक को है। और परन्तु उसके बलत प्रयोग से कई बार मानव कुरुप और भद्धे हो जाते है। मानव को सुन्दर बनाने वाले है। उसके…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया