Wed. Jun 24th, 2026

Month: May 2023

जिले के शिक्षित बेरोजगारों को पीएससी के फ्री कोचिंग मिलेगें

आदिम जाति विभाग के माध्यम सें जिले के शिक्षित बेरोजगारों को पीएससी एसएससी जैसे प्रतियोगीता परीक्षा के लिए फ्री कोचंग मिलेगा। डीएमएफ के माध्यम सें यह व्यवस्था सुनिश्चित किया जा…

सिरिसिया ओपी अंतर्गत हत्या में संलिप्त युवक गिरफ्तार

बेतिया: पश्चिम चम्पारण जिला के बेतिया पुलिस अंतर्गत चनपटिया थाना क्षेत्र सिरिसिया ओपी क्षेत्र में दिनांक 05 मई 2023 को सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल के पास एक युवती को गोली…

पारामेडिकल के छात्र छात्राओं का बेतिया में प्रदर्शन 

बेतिया। पश्चिम चम्पारण जिला मुख्यालय बेतिया स्थित जीएमसीएच तथा सिविल सर्जन कार्यालय पर बुधवार को पारामेडिकल के छात्र-छात्राओं ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों…

अग्नि पीड़ितों को राहत मुहैया कराया गया

  पश्चिम चम्पारण जिला अंतर्गत मझौलिया प्रखंड में बुधवार को नौतन खुर्द पंचायत स्थित भैरोपुर गांव में आगलगी की घटना घटी। ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास तथा अग्निशामक दस्ता जब तक…

सरकारी छुटटी के दिन भी खुले रहेगा टैक्स काउंटर

नगर निगम भिलाई के टैक्स एकत्रित करने के लिया  कॉउंटर अब शनिवार और रविवार को भी खुले रहेगें । कार्यालयीन अवधि सोमवार से शुक्रवार के अलावा इन दिनों अवकाश के…

गूगल मैप पर होगा अब हमारें शहर का फीचर

बहुत जल्द ही गूगल पर हमारे शहर के नई तस्वीर नजर आएगा तस्वीरें वास्तविक होगा और शहर के सडकों व सार्वजनिक स्थानों का 360 डिग्री व्यू दिखेगा। नए फीचर की…

शादी घर में लाइन गोल कर के युवको चाकू से वार किया गया है। अस्पताल लेगते हुए वह दम तोड़ दिया

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में  एक शादी घर में युवक की हत्या हो गई। शादी के दौरान आरोपी ने पहले लाइन गोल  कर दी। उसके बाद में  चाकू  हथियार से वार…

असोगा के शिविर में 30 यूनिट रक्तदान

दुर्ग जिला में रक्त के आवश्यकता को देखते हुए ब्लड डोनेशन कैंप का कार्यक्रम लगातार करवाया जा रहा है। इसी कडी में ग्राम पंचायत असोगा पाटन द्वारा शनिवार को रक्तदान…

सुआ चौक पर सड़क तक गमले बेच रहे थें निगम नें कार्रवाई किया

नगर निगम दुर्ग सीमा के अंतर्गत सुआ चौक जेल तिराहा के पास सड़क किनारे अवैध कब्जा कर पौधा व गमला बेचने वालो के कारण लोगों को आवाजाही में दिक्कत हो…

विधानसभा चुनाव के तैयारी में जुटा प्रबंधन

विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर जिला प्रबंधन ने अपनी तैयारी शुरू कर दिया गया  है। चुनाव में  लगभग 16 हजार से अधिक अधिकारी-कार्यकर्ता के  ड्यूटी लगाया  जा सकते  है। इसके…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया