Wed. Jun 24th, 2026

 

पश्चिम चम्पारण जिला अंतर्गत मझौलिया प्रखंड में बुधवार को नौतन खुर्द पंचायत स्थित भैरोपुर गांव में आगलगी की घटना घटी। ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास तथा अग्निशामक दस्ता जब तक आग पर काबू पाया, तब तक दो दर्जन से अधिक लोगों का आशियाना आग की आगोश में समा गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग की ऊंची उठती लपटों को देख लोग सहमते दिखे। उपर्युक्त अग्निकांड में खाद्यान्न (अनाज) आभूषण, वस्त्र, नगदी, पलंग, टेबल, कुर्सी, चौकी, बिछावन सब कुछ जलकर स्वाहा हो गया। चारों तरफ चीख-पुकार मची रही, अफरा-तफरी का माहौल और सभी सामूहिक रूप से आग बुझाने में लगे हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो पूरा गांव जलकर राख हो जाता। सूचना पाकर जिला के अग्निशामक दस्ता घटनास्थल पर आया तथा ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से आग बुझाने का प्रयास किया गया।इस अगलगी में एक बकरी सात मोटरसाइकिल तथा दो दर्जन से अधिक साइकिल जलकर राख हो गई।बताया जाता है कि पीड़ितों में सुखारी राम और बिकाऊ राम के यहां शादी विवाह भी था।अग्नि पीड़ितों में सुखारी राम रघुवर राम राम मोहन राम हरिंदर राम मेघाराम यशोदा राम राम रोहित राम राकेश राम सुरेंद्र राम संतोष राम रमेश राम बिकाऊ राम सुनील राम राम बाबू राम वीरेंद्र राम सोहन राम नागेंद्र राम बालेश्वर राम सुनील राम सिंह सिंधी देवी छोटेलाल राम उमाशंकर राम बागड़ राम गौरी देवी शंभू राम ललन राम बहादुर राम गुड्डू कुमार चंदन कुमार राम विजय राम सहित अन्य शामिल हैं।बताते चलें कि उक्त भीषण अगलगी की घटना नौतन खुद पंचायत स्थित वार्ड नंबर 1 के भैरोपुर दलित बस्ती में घटित हुई है। मुखिया सौदागर साह पूर्व मुखिया सुरेंद्र पाल आदि ने इस घटना की सूचना सीओ सुरजकांत को दी।सीओ सूरज कांत ने बताया कि राजस्व कर्मचारी को घटनास्थल पर भेज क्षति का आकलन कराते हुए तत्काल में सहायता राशि उपलब्ध करा दी जाएगी।इसके अतिरिक्त शेख मझरिया पंचायत स्थित वार्ड नंबर 7 निवासी शेख चौकी और शेख मनान का घर आग की भेंट चढ़ गया।इस अगलगी में कपड़ा बर्तन उपस्कर गहना अनाज नगदी आदि सब कुछ आगलगी का शिकार हो गया। अग्निशामक दस्ता एवं ग्रामीणों के अथक प्रयास से आग पर काबू पाया गया लेकिन सब कुछ जलकर राख हो चुका था। समाजसेवी सोहराब आलम ने इस घटना की सूचना अंचलाधिकारी सूरज कांत को दी।अंचलाधिकारी ने बताया कि राजस्व कर्मचारी को घटनास्थल पर भेजकर क्षति का आकलन कराते हुए तत्काल प्रभाव से सहायता राशि उपलब्ध करा दी जाएगी।

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया