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Month: May 2023

प्रशिक्षु पुअनि राजीव कुमार का कथित अभद्र व्यवहार के विरुद्ध सरपंच संघ की बैठक सम्पन्न

प्रशिक्षु पुअनि राजीव कुमार का कथित अभद्र व्यवहार, सरपंच संघ की बैठक सम्पन्न मझौलिया : प्रखंड क्षेत्र के शेख मंझरिया के सरपंच संजय कुमार राउत से प्रशिक्षु पुअनि निरीक्षक राजीव…

जिला प्रशासन की गुणवत्ता मस्त, बरसात हुई नहीं कि नव निर्मित पुलिया हो गई छतिग्रस्त

जिला प्रशासन की गुणवत्ता मस्त, बरसात हुई नहीं कि नव निर्मित पुलिया हो गई छतिग्रस्त अधीक्षण अभियंता ने कहा दोषी बख्शा नहीं जाएगा बेतिया : बड़ी घटना का दावत दे…

बेतिया पुलिस के सिरिसिया ओपी क्षेत्र में युवती को दिन दहाड़े हत्या कर, अपराधियों ने दिया पुलिस को चुनौती

बेतिया पुलिस के सिरिसिया ओपी क्षेत्र में युवती को दिन दहाड़े हत्या कर, अपराधियों ने दिया पुलिस को चुनौती बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला के बेतिया पुलिस अंतर्गत ज़िला के…

युवती के अपहरण में दो नामजद

युवती के अपहरण में दो नामजद बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला मुख्यालय बेतिया स्थित बेतिया पुलिस के नगर थाना क्षेत्र में बंगाली कॉलोनी से कतिपय तत्वों ने विवाह की नियत…

नीट की तैयारी करने वाले छात्र ने परीक्षा से एक दिन पहले फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला में रहकर नीट परीक्षा के तैयारी करने वाले छात्र ने परीक्षा से एक दिन पहले फांसी लगाकर खुदकुशी कर लिया  है। परिवार वालों का कहना है…

प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड की गति तेज करने को सांसद सुनील कुमार ने संगठनात्मक बैठक किया

प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड की गति तेज करने को सांसद सुनील कुमार ने संगठनात्मक बैठक किया बेतिया : प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड बनाने को लेकर वाल्मीकिनगर सांसद सुनील कुमार के नरकटियागंज स्थित…

अच्छा प्रदर्शन करने वाले नगर निकाय को वार्षिक 10 अरब रुपए तक का आवंटन मिल सकेगा

  बिहार के 17 महापौर व आयुक्त की दो दिवसीय कार्यशाला में शहरी विकास व गंदगी उन्मूलन का प्रशिक्षण सम्पन्न  बेतिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगर निकाय को दिखाने पर…

रोजगार और अभ्यास केंद्र दुर्ग के ओर से बीआईटी में लगाए गए रोजगार मेला

रोजगार और अभ्यास  केंद्र दुर्ग जिला  के  दिशा एक पहलू के ओर से बीआईटी में लगाए गए रोजगार मेले में 2200 युवाओं ने पंजीयन किया है। इनमें मे से 1354…

खाली पडे मैदान में हुड़को के लगभग 1 करोड 48 लाख लागत से बनाया जा रहा है स्टेड़ियम

हुडको में करीब  1 करोड़ 48 लाख रुपए लागत से  सारे  सहूलियत  शामिल खेल मैदान बनाया जा रहा है।अधिक लंबे समय से खाली पड़े मैदान में खिलाड़ियों के लिए बड़ी…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया