Wed. Jun 24th, 2026

प्रशिक्षु पुअनि राजीव कुमार का कथित अभद्र व्यवहार, सरपंच संघ की बैठक सम्पन्न

मझौलिया : प्रखंड क्षेत्र के शेख मंझरिया के सरपंच संजय कुमार राउत से प्रशिक्षु पुअनि निरीक्षक राजीव कुमार के कथित अभद्र व्यवहार करने के मामला को लेकर सरपंच संघ की की गई। जिसमें वरीय पदाधिकारी से कार्रवाई की मांग की गई है। खबर है कि सरपंच संजय कुमार राउत किसी काम को लेकर मझौलिया थाना पहुंचे, उसी दौरान उपर्युक्त पदाधिकारी ने वायरलेस कक्ष में बंद दुर्व्यवहार किया। उनकी मोबाइल जप्त कर लिया, फिर कुछ देर बाद उनको कक्ष से बाहर निकाल कर थाना से बाहर किया गया। इस घटना को सुनते ही सरपंच संघ के अध्यक्ष सहित अन्य सरपंच मझौलिया पंचायत भवन में एकत्र होकर एक बैठक किया और निंदा प्रस्ताव पारित किया। इस संदर्भ में सरपंच संघ ने जिला के पदाधिकारी से मिलकर आवेदन देने का निर्णय लिया एवं कार्रवाई की मांग की। इस बावत थानाध्यक्ष अभय कुमार ने इस घटना के सम्बंध में अनभिज्ञता व्यक्त किया और बताया कि अवकाश से लौटकर रेड में हैं, मामला की जांच की जा रही है। उपर्युक्त बैठक में सरपंच शेख मुस्ताक आलम, संजय कुमार राउत, फिरोज साह, शिवजी राम, महमदिन मिया, देव कुमार शर्मा, रियाजुद्दीन अंसारी व अन्य शामिल रहे।

Spread the love

By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

Leave a Reply

You missed

खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया