Tue. Jun 23rd, 2026

Month: April 2023

राजपूत समाज होनहार सम्मानित हुए

गाव भरनी में राजपूत क्षत्रिय उप समिति धमध महासभा रहटादाह के तत्वावधान में आम जलसा का आयोजन मंगलवार रात को किया गया। इसमे मुख्य अतिथि केबिनेट मंत्री रविंद्र चौबे ने…

सर्विस लेन पर कब्जा करीब 3 मीटर संकरी सड़क पर लगभग 7 किलोमीटर का फासला तय करने में दिक्कत जाती है।

नेहरुनगर से कुम्हारी तक एनएचएआई के चार स्थानों फ्लाई ओवर बन रहे है। वहां सडके इतनी संकरी हो गई है। कि रोड़ पर चलने वाले राहगीरों को अपनी जान को…

टैंकर के चक्का में आने से महिला की हालत गंभीर पिछे रिवर्स करते समय हुआ हादसा, महिला के दोनों पैर बुरी तरह कुचले

भिलाई शहर में एक टैंकर चालक ने असावधानी पूर्वक टैंकर पिछे रिवर्स करते समय स्कूटर सवार 2  महिलाओं को अपनी चक्का के  चपेट में ले लिया। इससे  एक महिला कि …

25 सौ रुपय हर महीना बेरोजगारी भत्ता दिए जाने के प्रक्रिया

राज्य शासन के शिक्षित बेरोजगारो को लगभग 25 सौ रुपय हर महीना बेरोजगारी भत्ता दिए जाने के प्रक्रिया शुरु हो चुका है। इसके लिए पहले आँनलाइन आवेदन मंगाए गए। इसके…

गर्मी अधिक बढ़ने के कारण सार्वजनिक स्थानो पर पेड़ पौधा में पानी डालने का काम शुरु किया

गर्मी अधिक बढ़ने के साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर विशेष रुप से हर इलाके में पेडों पौधों  में पानी सिंचाई की जा रही है। नगर निगम का औद्यानिकी  अमला इन…

सेक्टर 9 अस्पताल में डोम निर्माण को लेकर ज्ञापन

भिलाईः- सेक्टर 9 अस्पताल परिसर में हो रहे डोम निर्माण के विरोध में बीएससी आफिसर्स एसोसिएशन ओए और श्रमिक संगठनो के प्रतिनिधियों ने बुधवार को निगम आयुक्त रोहित व्यास को…

डीयू के परीक्षा एक हफ़्ता में मिले 52 नकलची

भिलाईः- हेमचंद यादव विश्वविधालय की इन दिनों में वार्षिक परीक्षा चल रही है। पिछले  हफ़्ता परीक्षा के दौरान निशानियों से संबद्ध सातो जिलो के विभिन्न महाविधालयों का निशानियों के अफसरों…

बैठक में मतदान प्रक्रिया केंद्र घर से लगभग 2 कि मी से कम दूरी पर होंगे

विधानसभा चुनाव   2023 के मद्देनजर मतदान सेवा केंद्र  निर्णय लेने का विचार  शत प्रतिशत सत्यापन यथा शक्य एवं सही रूप में किया जाएगा।  सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों…

व्यापार पदधिकारियों पर धोखेबाजी का केस

सहाकारी व्यापार समिति सिकोला भाटा के पदाधिकारियों पर धोखेबाजी का अपराध दर्ज हुआ है। सचिन दारव्हेकर ने व्यापार समिति की 7000 वर्गफुट जमीन 30 वर्ष के लिए लीज पर देने…

गौरीगंज नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए 2 प्रत्याशी का नाम भेजा गया

अमेठी : केंद्रीय कांग्रेस कार्यालय गौरीगंज में गौरीगंज नगर पालिका परिषद प्रत्याशी चयन को कांग्रेस प्रत्याशी चयन समिति की बैठक में गौरीगंज नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए 2 लोगों…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया