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Month: November 2022

दिसंबर 2022 में शुरू हो सकता है बीएड कॉलेजों में काउंसिलिंग तैयारी रखें ये दस्तावेज

बीएड कॉलेजों मे प्रवेश की काउसिलिग दिसंबर 2022 में शुरू सकता है। इधर, कॉलेजों की ओर से प्रवेश की तैयारियां अपने स्तर पर तेजी हो चुका है। कॉलेजों मे प्रवेश…

जदू टोने के शक में बुजुर्ग को दौडा के डंडे से पीट पीटकर मार डाला 6 आरोपी पकडे गए

सुकमा जिला के छिंदगढ़ थाना क्षेत्र के चैपेल गांव में सोमवार रात हुई गांव के लक्ष्मण बधेल के हत्या में शामिल 6 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।…

खुंटी गन्ना का चलान व सुखे गन्ना की आपूर्ति को लेकर किसान महासभा अनुमंडल पर धरना देगा

गन्ना का रेट 400 ₹ क्विंटल व पुअर डे घोषित नही करने पर गन्ना आपूर्ति बंद करेंगे किसान नरकटियागंज: किसानो के प्रशासनिक उदासीनता व चीनी मिलो के द्वरा खूंटी गन्ना…

भ्रष्टाचारी बचने नही चाहिए जांच एजेंसिया दबाव में न आए मोदी

प्रघानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा की भ्रष्टाचारि पर कार्यवाही करने वाले केंद्रीय सतर्कता आयोग जैसे संगठन और जांच एजेंसियों को किसी दबाव में आने की जरुरत नही है। देश की…

एरिगेसी की पहला जीत प्रज्ञानानंद को मिली हार

अमेरिका के हैंस नीमन ने 24 अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया. टूर्नामेंट के पहले दिन तीन जीत से शानदार शुरुआत करने वाले प्रज्ञानंद ने 23 अंक हासिल किए.…

नरेंद्र मोदी ने बोला अपने प्रदर्शन की तुलना पूर्व पीएम मनमोहन सिंह से की है

गुजरात में पहले चरण मे मतदान के महज 2 या 3 दिन बाकी हैं इससे पहले नरेंद्र मोदी ने सोमवार के एक बार फिर तावड़तोड़ रैलि कीं। मोदी ने कांग्रेस पर…

खो-खो, वॉलीबाल व दौड़ में दिखाया दम

ग्राम सिरसा बकरियांवाली में ग्रामीण ओलंपिक खेलों का आयोजन किया गया है जिसमे खो-खो, वॉलीबाल व दौड़ आदि खेलों में खिलाड़ियों ने भाग लिया तथा विजेता खिलाड़ियों को मुख्यातिथि ने…

डॉ अमानुल्लाह रंगदारी मामला का उद्भेदन 4 युवक गिरफ्तार

बेतिया: पश्चिम चम्पारण जिला अंतर्गत बेतिया पुलिस के शिकारपुर थाना क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की बढ़ती हेंकड़ी पर पुलिस ने आखिरकार लगाम लगा दिया है। इस क्रम में मो मिनहाज,…

जामसांवली मंदिर की कहानी और चमत्कार के बारे में जानिये

श्रीराम भक्त हनुमान को कलियुग का देवता भी कहा गया है। मान्यता है कि हनुमान आज भी धरती पर मौजूद हैं और जहां भी राम कथा का आयोजन होता है,…

नवनिर्वाचित जिला पार्षद और ब्लॉक समिति सदस्यों ने निकाला विजयी जुलूस

बाढड़ा खंड के नवनिर्वाचित जिला पार्षद व ब्लॉक समिति के विजेताओं ने मुख्य क्रांतिकारी चौक पर महाशय मंशाराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर जन सेवा का संकल्प लिया। परिणाम घोषित…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया